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लॉकडाउन के बाद भी मनरेगा उपायुक्त ने बुलाई बैठक
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महोबा। लॉकडाउन नियमों को दरकिनार कर मनरेगा उपायुक्त ने जिले के चारों ब्लाकों में तैनात 34 तकनीकी सहायकों की बैठक बुलाई। बैठक में न पहुंचने वाले कर्मियों के खिलाफ नोटिस जारी कर वेतन रोकने का आदेश दे दिया। इससे तकनीकी सहायकों में आक्रोश है।
उपायुक्त ने मोबाइल ग्रुप में 13 अप्रैल को सीडीओ की महत्वपूर्ण बैठक बताकर चरखारी, पनवाड़ी, बेलाताल व कबरई के तकनीकी सहायकों को विकास भवन में आने का आदेश जारी किया था। लॉकडाउन के चलते केवल पांच कर्मचारी पहुंचे।
इस पर मनरेगा उपायुक्त ने 13 दिनों से शासकीय कार्य न करने, मनमाने ढंग से कार्य करने, प्राक्कलन न तैयार करने व निर्देशों का उल्लंघन करने का दोषी मानते हुए 29 तकनीकी सहायकों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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जवाब न देने पर वेतन रोकने के आदेश दिए गए हैं। मनरेगा उपायुक्त अखंड प्रताप सिंह का कहना है कि बैठक का उद्देश्य विकास कार्य की कमी पूरी करना था। उन्होंने नोटिस और वेतन रोकने संबंधी आदेश के सवाल पर जवाब नहीं दिया।
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उपायुक्त ने मोबाइल ग्रुप में 13 अप्रैल को सीडीओ की महत्वपूर्ण बैठक बताकर चरखारी, पनवाड़ी, बेलाताल व कबरई के तकनीकी सहायकों को विकास भवन में आने का आदेश जारी किया था। लॉकडाउन के चलते केवल पांच कर्मचारी पहुंचे।
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इस पर मनरेगा उपायुक्त ने 13 दिनों से शासकीय कार्य न करने, मनमाने ढंग से कार्य करने, प्राक्कलन न तैयार करने व निर्देशों का उल्लंघन करने का दोषी मानते हुए 29 तकनीकी सहायकों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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जवाब न देने पर वेतन रोकने के आदेश दिए गए हैं। मनरेगा उपायुक्त अखंड प्रताप सिंह का कहना है कि बैठक का उद्देश्य विकास कार्य की कमी पूरी करना था। उन्होंने नोटिस और वेतन रोकने संबंधी आदेश के सवाल पर जवाब नहीं दिया।