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जिदंगी अनमोल है न व्यर्थ खोया कीजिए.....
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महोबा। कबीर अमृतवाणी सत्संग समिति के तत्वावधान में रविवार को संत कबीर आश्रम में विशेष सत्संग का आयोजन किया गया। जिसमें लखनलाल चौरसिया ने भजन जिदंगी अनमोल है न व्यर्थ खोया कीजिए, हो सके तो आदमी के काम आया कीजिए सुनाया।
शहर के कठकुलवापुरा में आयोजित सत्संग कार्यक्रम की शुरूआत कबीर वंदना के साथ हुई। वरिष्ठ कवि हरिश्चंद्र वर्मा ने कहा कि गुरु का स्मरण प्रतिदिन न हो सके तो कम से कम गुरू पूर्णिमा पर अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने रचना गुरू पूर्णिमा स्मरण कराती गुरुओं का वरदान, इनके मार्ग दर्शन से समृद्ध है हिंदुस्तान सुनाई। विदेश विद्यासन ने भक्ति रचना सदगुरु बिन को हरेगा मेरी पीरा सुनाई।
सत्संग में पं. हरिशंकर नायक ने रचना शिष्य का मान बढ़े जग में गुरू का यही अरमान रहे सुनाई। राजकीय वीरभूमि महाविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. लालचंद अनुरागी ने रचना गुरु चरणों में चारों धाम सुनाई। रामस्वरूप राजपूत ने भजन आदत बुरी सुधार लो बस हो गया भजन सुनाया। इसके अलावा राम गोपाल सेन, दुर्गा प्रसाद अग्रवाल, जगदीश चंद्र, प्रमोद सक्सेना, देवराज वर्मा, गया शंकर राठौर, जागेश्वर आदि ने भी भजन सुनाए।
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शहर के कठकुलवापुरा में आयोजित सत्संग कार्यक्रम की शुरूआत कबीर वंदना के साथ हुई। वरिष्ठ कवि हरिश्चंद्र वर्मा ने कहा कि गुरु का स्मरण प्रतिदिन न हो सके तो कम से कम गुरू पूर्णिमा पर अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने रचना गुरू पूर्णिमा स्मरण कराती गुरुओं का वरदान, इनके मार्ग दर्शन से समृद्ध है हिंदुस्तान सुनाई। विदेश विद्यासन ने भक्ति रचना सदगुरु बिन को हरेगा मेरी पीरा सुनाई।
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सत्संग में पं. हरिशंकर नायक ने रचना शिष्य का मान बढ़े जग में गुरू का यही अरमान रहे सुनाई। राजकीय वीरभूमि महाविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. लालचंद अनुरागी ने रचना गुरु चरणों में चारों धाम सुनाई। रामस्वरूप राजपूत ने भजन आदत बुरी सुधार लो बस हो गया भजन सुनाया। इसके अलावा राम गोपाल सेन, दुर्गा प्रसाद अग्रवाल, जगदीश चंद्र, प्रमोद सक्सेना, देवराज वर्मा, गया शंकर राठौर, जागेश्वर आदि ने भी भजन सुनाए।
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