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Mahoba News: नियमितता में तीन निजी खाद विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित
Sat, 20 Sep 2025 12:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sat, 20 Sep 2025 12:34 AM IST
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महोबा। जिले में खाद की मारामारी के बीच निजी विक्रेताओं के महंगे दाम पर खाद बेचने की शिकायतों पर डीएम के निर्देश पर अधिकारियों ने जांच की। तीन निजी दुकानों में अनियमितता और अभिलेख अपूर्ण मिलने पर उनके लाइसेंस निलंबित किए गए।
जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने तीन दिन पहले एडीएम, तीनोंं तहसीलों के एसडीएम और विभागीय अधिकारियों को निजी उर्वरक बिक्री केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे। निजी दुकानों में निर्धारित दर से अधिक खाद किसानों को बेचे जाने की लगातार शिकायतें मिलीं। शुक्रवार को जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने न्यू रतनाकर कृषक सेवा केंद्र लाड़पुर, शुभ किसान केंद्र जैतपुर और शुभ खाद एजेंसी श्रीनगर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अभिलेख अपूर्ण मिले। अनियमितता पाए जाने पर तीनों दुकानों के उर्वरक विक्रय लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। कृषि अधिकारी ने बताया कि निजी दुकानों में निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा। किसानों को निर्धारित दर से अधिक खाद बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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समितियों से खाली हाथ लौट रहे किसान खोल रहे अफसरों के दावों की पोल
महोबा। एक ओर जहां खाद को लेकर किसान परेशान हैं वहीं, अधिकारी जिले में भरपूर खाद होने का दावा कर रहे हैं। अधिकांश समितियों में खाद न होने से किसान भटक रहे हैं। एक दिन पहले चरखारी समिति में खाद को लेकर मारपीट हुई थी। जिसमें एक किसान व होमगार्ड घायल हुआ था। बाद में एक-एक बोरी खाद का वितरण किया गया। किसानों का कहना है कि कई दिन से समितियों मेंं चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें खाद नहीं मिल रही है।
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कृषक सेवा केंद्र व सहकारी समिति जैतपुर में शुक्रवार को ताला लटका रहा। यहां खाद न होने से किसान घंटों इंतजार के बाद बैरंग लौट गए। कुछ यही हाल चरखारी और अजनर समिति का रहा। यहां भी समितियों में खाद नहीं है। इससे किसान भटक रहे हैं। किसान रामदयाल, प्रमोद, देवीदीन, हरीचरण आदि का कहना है कि वह पांच दिन से समितियों का चक्कर लगा रहे हैं। लाइन में लगने के बाद भी उन्हें खाद नहीं मिल रही है। रबी फसल की बोआई का समय नजदीक आ गया है। इसके बाद भी प्रशासन किसानों को भरपूर खाद उपलब्ध नहीं करा पा रहा है।
जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि जिले में खपत के सापेक्ष भरपूर खाद उपलब्ध कराई जा रही है। यूरिया व डीएपी की किसी प्रकार की कमी नहीं है। जिले में 2,053 एमटी डीएपी, 4,564 एमटी यूरिया और 269 एमटी एनपीके उपलब्ध है। जिसका वितरण कराया जा रहा है। किसान जोत के अनुसार उर्वरक क्रय करें। अनावश्यक भंडारण न करें। उन्होंने किसानों से खतौनी मेंं अंकित गांव से दस से 12 किमी पर स्थित केंद्र से ही खाद लेने की अपील की है।
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जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने तीन दिन पहले एडीएम, तीनोंं तहसीलों के एसडीएम और विभागीय अधिकारियों को निजी उर्वरक बिक्री केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे। निजी दुकानों में निर्धारित दर से अधिक खाद किसानों को बेचे जाने की लगातार शिकायतें मिलीं। शुक्रवार को जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने न्यू रतनाकर कृषक सेवा केंद्र लाड़पुर, शुभ किसान केंद्र जैतपुर और शुभ खाद एजेंसी श्रीनगर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अभिलेख अपूर्ण मिले। अनियमितता पाए जाने पर तीनों दुकानों के उर्वरक विक्रय लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। कृषि अधिकारी ने बताया कि निजी दुकानों में निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा। किसानों को निर्धारित दर से अधिक खाद बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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समितियों से खाली हाथ लौट रहे किसान खोल रहे अफसरों के दावों की पोल
महोबा। एक ओर जहां खाद को लेकर किसान परेशान हैं वहीं, अधिकारी जिले में भरपूर खाद होने का दावा कर रहे हैं। अधिकांश समितियों में खाद न होने से किसान भटक रहे हैं। एक दिन पहले चरखारी समिति में खाद को लेकर मारपीट हुई थी। जिसमें एक किसान व होमगार्ड घायल हुआ था। बाद में एक-एक बोरी खाद का वितरण किया गया। किसानों का कहना है कि कई दिन से समितियों मेंं चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें खाद नहीं मिल रही है।
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कृषक सेवा केंद्र व सहकारी समिति जैतपुर में शुक्रवार को ताला लटका रहा। यहां खाद न होने से किसान घंटों इंतजार के बाद बैरंग लौट गए। कुछ यही हाल चरखारी और अजनर समिति का रहा। यहां भी समितियों में खाद नहीं है। इससे किसान भटक रहे हैं। किसान रामदयाल, प्रमोद, देवीदीन, हरीचरण आदि का कहना है कि वह पांच दिन से समितियों का चक्कर लगा रहे हैं। लाइन में लगने के बाद भी उन्हें खाद नहीं मिल रही है। रबी फसल की बोआई का समय नजदीक आ गया है। इसके बाद भी प्रशासन किसानों को भरपूर खाद उपलब्ध नहीं करा पा रहा है।
जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि जिले में खपत के सापेक्ष भरपूर खाद उपलब्ध कराई जा रही है। यूरिया व डीएपी की किसी प्रकार की कमी नहीं है। जिले में 2,053 एमटी डीएपी, 4,564 एमटी यूरिया और 269 एमटी एनपीके उपलब्ध है। जिसका वितरण कराया जा रहा है। किसान जोत के अनुसार उर्वरक क्रय करें। अनावश्यक भंडारण न करें। उन्होंने किसानों से खतौनी मेंं अंकित गांव से दस से 12 किमी पर स्थित केंद्र से ही खाद लेने की अपील की है।