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कस्बा खरेला में एक माह से पेयजल आपूर्ति ठप, बूंद-बूंद पानी की मची मारामारी
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खरेला (महोबा)। तीस हजार की आबादी वाले कस्बा खरेला में एक माह से पेयजल आपूर्ति ठप है। लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। भीषण गर्मी में हैंडपंप भी खराब होने से समस्या और विकराल हो गई है। सही हैंडपंपों पर पानी के लिए दिनभर लोगों की भीड़ लगी रहती है। पानी के इंतजाम में लोगों का पूरा दिन बर्बाद हो रहा है। स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी है।
नगर पंचायत खरेला में साल 2003 में साढ़े सात करोड़ रुपये की लागत से खरेला-चरखारी सामूहिक पेयजल योजना बनाई गई थी। जिसका उद्देश्य 1.83 लाख की आबादी को पानी पहुंचाना था लेकिन नियमित पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी। इस योजना के पुनर्गठन के लिए साल 2016 में 6.75 लाख रुपये मिले और पिछले साल सदर विधायक के प्रयास से 90 लाख रुपये आवंटित हुए लेकिन पेयजल योजना का विस्तार तो दूर आधे कस्बे को ही पानी नहीं मिल सका। एक माह पहले अर्जुन बांध से धवारी व बरदा रोड पर लगे ट्यूबवेल खराब पड़े है। जिससे पेयजल आपूर्ति ठप है।
वहीं गर्मी के मौसम में 80 फीसदी हैंडपंप जवाब दे गए हैं। इस वर्ष हैंडपंपों की मरम्मत व रीबोर नहीं कराया गया। जिससे पानी दे रहे इक्का-दुक्का हैंडपंपों में ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट रही है।
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बोले जिम्मेदार
अधिशासी अधिकारी केके सोनकर का कहना है कि हैंडपंप ठीक कराने की जिम्मेदारी जल संस्थान की होती है। पेयजल समस्या को जल्द दुरुस्त कराया जाएगा।
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नगर पंचायत खरेला में साल 2003 में साढ़े सात करोड़ रुपये की लागत से खरेला-चरखारी सामूहिक पेयजल योजना बनाई गई थी। जिसका उद्देश्य 1.83 लाख की आबादी को पानी पहुंचाना था लेकिन नियमित पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी। इस योजना के पुनर्गठन के लिए साल 2016 में 6.75 लाख रुपये मिले और पिछले साल सदर विधायक के प्रयास से 90 लाख रुपये आवंटित हुए लेकिन पेयजल योजना का विस्तार तो दूर आधे कस्बे को ही पानी नहीं मिल सका। एक माह पहले अर्जुन बांध से धवारी व बरदा रोड पर लगे ट्यूबवेल खराब पड़े है। जिससे पेयजल आपूर्ति ठप है।
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वहीं गर्मी के मौसम में 80 फीसदी हैंडपंप जवाब दे गए हैं। इस वर्ष हैंडपंपों की मरम्मत व रीबोर नहीं कराया गया। जिससे पानी दे रहे इक्का-दुक्का हैंडपंपों में ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट रही है।
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बोले जिम्मेदार
अधिशासी अधिकारी केके सोनकर का कहना है कि हैंडपंप ठीक कराने की जिम्मेदारी जल संस्थान की होती है। पेयजल समस्या को जल्द दुरुस्त कराया जाएगा।