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कीरत सागर के तट बंध का काम तेज
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Sun, 12 Jun 2016 11:40 PM IST
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कीरत सागर में चल रहा तट बंध निर्माण का काम
- फोटो : अमर उजाला
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चंदेल कालीन कीरत सागर का अस्तित्व लौटने लगा है। तालाब की खुदाई के साथ इस समय तालाब में तट बंध बनाने का काम तेज कर दिया गया है। लगभग 75 फीसदी तट बंध बनाया जा चुका है। सीमांकन के बाद अब स्थाई कब्जे हटाए जाएंगे।
एक पखवारे से ऐतिहासिक कीरत सागर तालाब की खुदाई का काम जारी है। तालाब में भूमाफियाओं ने कब्जे कर लिए थे। पहले चरण में टेलीफोन एक्सचेंज से पालीटेक्निक की ओर जलभराव वाले क्षेत्र का सीमांकन कराकर डीएम ने तालाब की भूमि खुदाई कराकर सुरक्षित कराई थी। दूसरे चरण में एक पखवारे पहले चर्च से एक्सचेंज तक खुदाई का काम शुरू कराया गया है। जिसका उद्देश्य जल भंडारण क्षमता बढ़ाने के साथ सीमांकन कराकर करोड़ों रुपये की भूमि भूमाफियाओं के चंगुल से मुक्त कराना था।
डीएम वीरेश्वर सिंह ने तीन दिन पहले तालाब की भूमि की नाप कराकर सीमांकन कराया था। साथ ही उपजिलाधिकारी एसपी सिंह की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय सीमांकन समिति का गठन किया था, जो 1359 फसली राजस्व अभिलेखों के अनुसार सीमांकन का कार्य कर रही है। चर्च से टेलीफोन एक्सचेंज तक सीमांकन के बाद तालाब के चारो ओर 15 मीटर चौड़ा और दस मीटर ऊंचा तट बंध बनाया जा रहा है। जिसका 75 प्रतिशत काम पूरा कराया जा चुका है। सीमांकन के बाद तालाब के अंदर आने वाले स्थाई निर्माणों को हटाने का काम होगा।
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तालाब की भूमि में कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति हो जिसका भी अतिक्रमण सीमांकन परिधि में आएगा वह हटाया जाएगा। एक निजी कंपनी के मोबाइल टावर और स्थाई निर्माणों को हटाने के लिए नोटिस जारी किए जा रहे है। कोई भी राजस्व कर्मी सीमांकन में भेदभाव करते पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वीरेश्वर सिंह, डीएम
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एक पखवारे से ऐतिहासिक कीरत सागर तालाब की खुदाई का काम जारी है। तालाब में भूमाफियाओं ने कब्जे कर लिए थे। पहले चरण में टेलीफोन एक्सचेंज से पालीटेक्निक की ओर जलभराव वाले क्षेत्र का सीमांकन कराकर डीएम ने तालाब की भूमि खुदाई कराकर सुरक्षित कराई थी। दूसरे चरण में एक पखवारे पहले चर्च से एक्सचेंज तक खुदाई का काम शुरू कराया गया है। जिसका उद्देश्य जल भंडारण क्षमता बढ़ाने के साथ सीमांकन कराकर करोड़ों रुपये की भूमि भूमाफियाओं के चंगुल से मुक्त कराना था।
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डीएम वीरेश्वर सिंह ने तीन दिन पहले तालाब की भूमि की नाप कराकर सीमांकन कराया था। साथ ही उपजिलाधिकारी एसपी सिंह की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय सीमांकन समिति का गठन किया था, जो 1359 फसली राजस्व अभिलेखों के अनुसार सीमांकन का कार्य कर रही है। चर्च से टेलीफोन एक्सचेंज तक सीमांकन के बाद तालाब के चारो ओर 15 मीटर चौड़ा और दस मीटर ऊंचा तट बंध बनाया जा रहा है। जिसका 75 प्रतिशत काम पूरा कराया जा चुका है। सीमांकन के बाद तालाब के अंदर आने वाले स्थाई निर्माणों को हटाने का काम होगा।
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तालाब की भूमि में कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति हो जिसका भी अतिक्रमण सीमांकन परिधि में आएगा वह हटाया जाएगा। एक निजी कंपनी के मोबाइल टावर और स्थाई निर्माणों को हटाने के लिए नोटिस जारी किए जा रहे है। कोई भी राजस्व कर्मी सीमांकन में भेदभाव करते पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वीरेश्वर सिंह, डीएम