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कचरा गाड़ी में शव लादने के मामले में सिपाही लाइनहाजिर
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महोबा। जिला अस्पताल के मोर्चरी हाउस से कचरा गाड़ी में पिता का शव लादकर ले जाने की शर्मनाक घटना के बाद परिजनों के साथ गाड़ी में शव रखवा रहे सिपाही को पुलिस अधीक्षक ने लाइनहाजिर कर दिया है ।
कस्बा खरेला निवासी रामकरन कुशवाहा (48) की 28 मई को बीमारी के चलते मौत हो गई थी। जिसके बाद परिजन शव जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाकर भाग निकले थे। 29 मई को पुलिस ने शव का पंचनामा करने के लिए परिजनों से संपर्क किया तो उन्होंने शव लेने से इनकार कर दिया था। बाद में पुत्र नगर पंचायत की कचरा गाड़ी लेकर मोर्चरी हाउस पहुंचा। जिससे पिता का शव लादकर ले गया था। यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया। जिसमें सिपाही भी शव को रखवाते नजर आ रहे थे।
मानवता को शर्मसार करने वाली इस घटना को प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए सीओ चरखारी उमेश चंद्र को जांच सौंपी थी। जांच के बाद सीओ ने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी। मामले में खरेला थाने में तैनात सिपाही हरेंद्र की लापरवाही सामने आने पर एसपी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने सिपाही को लाइन हाजिर किया है। उधर डीएम सत्येंद्र कुमार का कहना है कि जांच में नगर पंचायत कर्मचारियों के शामिल न होने की पुष्टि हुई है। मृतक के बेटे ने ही अपने परिचित को फोन करके गाड़ी मंगाई थी।
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कस्बा खरेला निवासी रामकरन कुशवाहा (48) की 28 मई को बीमारी के चलते मौत हो गई थी। जिसके बाद परिजन शव जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाकर भाग निकले थे। 29 मई को पुलिस ने शव का पंचनामा करने के लिए परिजनों से संपर्क किया तो उन्होंने शव लेने से इनकार कर दिया था। बाद में पुत्र नगर पंचायत की कचरा गाड़ी लेकर मोर्चरी हाउस पहुंचा। जिससे पिता का शव लादकर ले गया था। यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया। जिसमें सिपाही भी शव को रखवाते नजर आ रहे थे।
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मानवता को शर्मसार करने वाली इस घटना को प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए सीओ चरखारी उमेश चंद्र को जांच सौंपी थी। जांच के बाद सीओ ने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी। मामले में खरेला थाने में तैनात सिपाही हरेंद्र की लापरवाही सामने आने पर एसपी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने सिपाही को लाइन हाजिर किया है। उधर डीएम सत्येंद्र कुमार का कहना है कि जांच में नगर पंचायत कर्मचारियों के शामिल न होने की पुष्टि हुई है। मृतक के बेटे ने ही अपने परिचित को फोन करके गाड़ी मंगाई थी।
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