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कबरई और मझगवां बांध सूखे, अर्जुन बांध पर भी संकट
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Sat, 07 May 2016 11:58 PM IST
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सूखा पड़ा उर्मिल बांध
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्र एवं राज्य सरकार में पानी को लेकर सियासत चल रही है, जबकि सच्चाई यह है कि महोबा जिले में पेयजल संकट दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। जिले में स्थित कबरई और मझगवां बांध सूख गए हैं। उर्मिल बांध का पानी डेड लेवल से 20 सेंटीमीटर नीचे चला गया है, जबकि अर्जुन बाध में सिर्फ 85 सेंटीमीटर पानी बचा है।
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जिले में बने उर्मिल बांध, अर्जुन बांध और कबरई बांध से अलग- अलग कस्बे में जलापूर्ति की जाती है। तीन साल से बारिश न होने के कारण कबरई बांध पूरी तरह सूख गया है। इससे कबरई कस्बे में पानी की आपूर्ति ठप हो गई है। करीब 50 हजार की आबादी को पानी के लिए दूसरे साधन तलाशने पड़ रहे हैं।
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इस कस्बे के लोग कहीं हैंडपंप के सहारे हैं तो कहीं निजी ट्यूबवेल से पानी ले रहे हैं। कस्बे में जल संस्थान की ओर से सूखा राहत के तहत पानी के टैंकर भी भेजे जा रहे हैं। इसी तरह यूपी-एमपी की सरहद पर बने उर्मिल बांध से श्रीनगर, सिजहरी, बसौरा और महोबा में पानी की आपूर्ति की जाती है।
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उर्मिल बांध का जलस्तर भी डेड लेवल से 20 सेंटीमीटर नीचे खिसक गया है। ऐसे में इस बांध का पानी सिर्फ पेयजल के लिए आपूर्ति किया जा रहा है। बांध के बीच बचा पानी नाले के जरिए इंटेकवेल तक पानी लाया जा रहा है। यदि इस साल भी बारिश नहीं हुई तो यहां से भी पानी मिलना बंद हो जाएगा।
अर्जुन बांध से चरखारी, रिवई और खरेला में पानी की आपूर्ति की जाती है। अर्जुन बांध में डेड लेवल से 85 सेंटीमीटर पानी ऊपर है। यानी इस क्षेत्र के लोगों को अभी कुछ समय और पानी मिल सकेगा। जबकि मझगवां बांध पूरी तरह सूख गया है। चंद्रावल बांध और मौदहा बांध में थोड़ा बहुत पानी बचा है। लेकिन इन बांधों का पानी सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इनसे पेयजल आपूर्ति नहीं की जाती है।