{"_id":"69581beb55a0b6be0d06e125","slug":"junk-food-increases-the-risk-of-blood-pressure-fatty-liver-and-ulcers-in-young-people-mahoba-news-c-225-1-sknp1045-121159-2026-01-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahoba News: जंक फूड से युवाओं में ब्लड प्रेशर फैटी लिवर और अल्सर का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahoba News: जंक फूड से युवाओं में ब्लड प्रेशर फैटी लिवर और अल्सर का खतरा
Sat, 03 Jan 2026 12:56 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sat, 03 Jan 2026 12:56 AM IST
विज्ञापन
महोबा। जंक फूड का बढ़ता चलन अब बच्चों और युवाओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। इसके अत्यधिक सेवन से शुगर, हाई ब्लड प्रेशर, फैटी लिवर, पीलिया, मोटापा व अपच जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार जंक फूड में मौजूद केमिकल्स से एसिड परफोरेशन की समस्या हो रही है। इससे पेट या आंत में छेद (परफोरेशन), सूजन और अल्सर तक की नौबत आ रही है।
जंक फूड के कारण अब युवा भी हृदय रोगों की चपेट में आ रहे हैं। इससे जिला अस्पताल की ओपीडी में बड़ी संख्या में युवा मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
जंक फूड के नुकसान का मुख्य कारण इसमें ट्रांस फैट की अधिकता, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, आर्टिफिशियल टेस्ट (जैसे अजीनोमोटो), विभिन्न प्रकार की सॉस व प्रिजरवेटिव केमिकल्स का उपयोग है। लंबे समय तक इनका सेवन शरीर में एसिड की मात्रा बढ़ा देता है। इससे पेट या आंतों में सूजन, अल्सर और परफोरेशन जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
विज्ञापन
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. गुलशेर अहमद ने बताया कि जंक फूड का चलन आने से इस तरह के मरीजों में दस गुना का इजाफा हुआ है। पहले इनकी संख्या बहुत कम होती थी। अब हर माह बीपी के करीब 400 से 500, फैटी लीवर के 20 से 25 व अल्सर के दो से पांच मरीज आते हैं।
बताया कि ट्रांस फैट से शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) बढ़ता है और अच्छा कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल) घटता है। इससे हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग व मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, बच्चों और युवाओं के लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ने से फैटी लिवर, पीलिया व आगे चलकर लिवर सिरोसिस तक की स्थिति बन सकती है।
विज्ञापन
जंक फूड के कारण अब युवा भी हृदय रोगों की चपेट में आ रहे हैं। इससे जिला अस्पताल की ओपीडी में बड़ी संख्या में युवा मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
जंक फूड के नुकसान का मुख्य कारण इसमें ट्रांस फैट की अधिकता, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, आर्टिफिशियल टेस्ट (जैसे अजीनोमोटो), विभिन्न प्रकार की सॉस व प्रिजरवेटिव केमिकल्स का उपयोग है। लंबे समय तक इनका सेवन शरीर में एसिड की मात्रा बढ़ा देता है। इससे पेट या आंतों में सूजन, अल्सर और परफोरेशन जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
विज्ञापन
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. गुलशेर अहमद ने बताया कि जंक फूड का चलन आने से इस तरह के मरीजों में दस गुना का इजाफा हुआ है। पहले इनकी संख्या बहुत कम होती थी। अब हर माह बीपी के करीब 400 से 500, फैटी लीवर के 20 से 25 व अल्सर के दो से पांच मरीज आते हैं।
बताया कि ट्रांस फैट से शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) बढ़ता है और अच्छा कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल) घटता है। इससे हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग व मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, बच्चों और युवाओं के लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ने से फैटी लिवर, पीलिया व आगे चलकर लिवर सिरोसिस तक की स्थिति बन सकती है।