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संक्रामक बीमारियों ने पसारे पांव, दो की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Fri, 09 Sep 2016 11:00 PM IST
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बदले मौसम के मिजाज से संक्रामक बीमारियां पैर पसार रही हैं। शुक्रवार को तेज बुखार के चलते दो महिलाओं ने दम तोड़ दिया। वहीं, जिले में चिकनगुनिया, बुखार और उल्टी दस्त के मरीजों की भरमार है। हालात यह हैं कि सुबह से ही अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ लग रही है। पिछले एक पखवारे से तेज बुखार उल्टी दस्त के मरीजों से अस्पताल पटे पड़े है। सरकारी
अस्पताल हो या प्राइवेट सभी में मरीजों की लाइनें लगी हैं। जिससे प्राइवेट नर्सिग होम के डाक्टरों की चांदी कट रही है। जिला अस्पताल में पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी के बाद भी मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। इमरजेंसी में भी मरीजों की भारी भीड़ लगी रहती है। कस्बा कबरई के बंगाली पुरवा निवासी रामकली को जिला अस्पताल लाया गया। जहां
पर उपचार के बाद उसकी मौत हो गई। पनवाड़ी प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे के मोहल्ला रायगंज निवासी मन्नू अहिरवार पत्नी विनोद अहिरवार पिछले चार दिनों से बुखार से पीड़ित थी। चार दिन तक इलाज कराने के बाद भी कोई सुधार न होने पर शुक्रवार को पनवाड़ी अस्पताल के डाक्टर ने उसे झांसी मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया। झांसी ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।
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अस्पताल हो या प्राइवेट सभी में मरीजों की लाइनें लगी हैं। जिससे प्राइवेट नर्सिग होम के डाक्टरों की चांदी कट रही है। जिला अस्पताल में पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी के बाद भी मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। इमरजेंसी में भी मरीजों की भारी भीड़ लगी रहती है। कस्बा कबरई के बंगाली पुरवा निवासी रामकली को जिला अस्पताल लाया गया। जहां
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पर उपचार के बाद उसकी मौत हो गई। पनवाड़ी प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे के मोहल्ला रायगंज निवासी मन्नू अहिरवार पत्नी विनोद अहिरवार पिछले चार दिनों से बुखार से पीड़ित थी। चार दिन तक इलाज कराने के बाद भी कोई सुधार न होने पर शुक्रवार को पनवाड़ी अस्पताल के डाक्टर ने उसे झांसी मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया। झांसी ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।
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