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जैविक खाद के इस्तेमाल से बढ़ेगी पैदावार
ब्यूरो/ अमर उजाला, महोबा
Updated Mon, 16 Feb 2015 12:04 AM IST
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उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी वीके सचान ने कहा कि
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रासायनिक खादों के इस्तेमाल से भूमि की उर्वरा शक्ति समाप्त हो रही है।
इससे फसल की लागत तो बढ़ती ही है, पैदावार पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है।
कृषि प्रसार अधिकारी रविवार को कस्बे के राधा कृष्ण गेस्ट हाउस में आयोजित
गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
उन्हाेंने कहा कि जैविक खाद के इस्तेमाल से भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ाया जा सकता है। कहा कि फसल काटने के बाद खेत में बचने वाले डंठलाें को जलाएं नहीं, बल्कि उखाड़कर एक स्थान पर एकत्र कर सड़ने के लिए छोड़ दें। उसमें कीड़े मकोड़े पैदा होने से खेत की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी।
उन्हाेंने किसानाें को खेत में गोबर की खाद डालने की सलाह दी, जिससे कम लागत में अधिक उत्पादन किया जा सके। कृषि विशेषज्ञ जेएस परिहार ने कहा कि जैविक खाद तमाम शोधों के बाद बनाई गई है। इसका इस्तेमाल कर खेत की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इस मौके पर पूर्व प्रधान बिलरही रामेश्वर गुप्ता, नाथूराम यादव, पृथ्वी सिंह यादव, बाबूराम विश्वकर्मा, वीर सिंह, आशीष, परशुराम, जगदीश पटेल, जवाहर लाल सहित तमाम किसान मौजूद रहे।
उन्हाेंने कहा कि जैविक खाद के इस्तेमाल से भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ाया जा सकता है। कहा कि फसल काटने के बाद खेत में बचने वाले डंठलाें को जलाएं नहीं, बल्कि उखाड़कर एक स्थान पर एकत्र कर सड़ने के लिए छोड़ दें। उसमें कीड़े मकोड़े पैदा होने से खेत की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी।
उन्हाेंने किसानाें को खेत में गोबर की खाद डालने की सलाह दी, जिससे कम लागत में अधिक उत्पादन किया जा सके। कृषि विशेषज्ञ जेएस परिहार ने कहा कि जैविक खाद तमाम शोधों के बाद बनाई गई है। इसका इस्तेमाल कर खेत की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इस मौके पर पूर्व प्रधान बिलरही रामेश्वर गुप्ता, नाथूराम यादव, पृथ्वी सिंह यादव, बाबूराम विश्वकर्मा, वीर सिंह, आशीष, परशुराम, जगदीश पटेल, जवाहर लाल सहित तमाम किसान मौजूद रहे।