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आईएएस बनकर बढ़ाया जिले का गौरव
अमर उजाला ब्यूरो महोबा।
Updated Thu, 23 Apr 2015 11:13 PM IST
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विकासखंड कबरई के ग्राम ननौराके एक होनहार कमलेश कुमार ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित होकर जिलेे का नाम रोशन किया है। बेटे की इस कामयाबी से परिजनों सहित उनके गांव में खुशी का माहौल है।
ग्राम ननौरा निवासी कमलेश कुमार ने यूपीएससी द्वारा वर्ष 2013 में आयोजित परीक्षा में ही कामयाबी हासिल कर ली थी। लेकिन मेरिट लिस्ट में सामान अंक होने से अधिक उम्र के अभ्यर्थियों के चयन होने के कारण कमलेश को प्रतीक्षा सूची में शामिल किया गया था। हाल में ही यूपीएससी द्वारा जारी लिस्ट में कमलेश कुमार ने ओबीसी श्रेणी में प्रथम स्थान हासिल कर परिवार के साथ ही जिले का भी मान बढ़ाया है। कमलेश का आईएएस में चयन होेने से पूरे गांव में खुशी का महौल है। बेटे की इस सफलता से माता-पिता फूले नहीं समां रहे हैं। कमलेश कुमार अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने बड़े भाई राकेश कुमार (आईपीएस) से मिली, वहीं आईएएस बनने की प्रेरणा कमलेश पिता रमेश कुमार वर्मा और मां प्रेमा देवी के सहयोग को देेते हैं। वह कहते हैं कि इसके अलावा उनके चाचा महीपत सिंह (एडीजे चंदौली), पटेल इंटर कॉलेज ननौरा के प्रबंधक जंग बहादुर, कालीचरन और चचेरे भाई जितेंद्र सिंह (पीसीएस जे) से समय-समय पर मार्गदर्शन मिला। कमलेश ने अपनी प्राइमरी शिक्षा शहर के संत जोसफ स्कूल से पूरी की। इसके बाद ज्ञानस्थली पब्लिक स्कूल से हाईस्कूल कर तैयारी के लिए इलाहाबाद चले गए। साथ ही दिल्ली में रहकर आईएएस परीक्षा की तैयारी की। उन्हाेंने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया है।
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ग्राम ननौरा निवासी कमलेश कुमार ने यूपीएससी द्वारा वर्ष 2013 में आयोजित परीक्षा में ही कामयाबी हासिल कर ली थी। लेकिन मेरिट लिस्ट में सामान अंक होने से अधिक उम्र के अभ्यर्थियों के चयन होने के कारण कमलेश को प्रतीक्षा सूची में शामिल किया गया था। हाल में ही यूपीएससी द्वारा जारी लिस्ट में कमलेश कुमार ने ओबीसी श्रेणी में प्रथम स्थान हासिल कर परिवार के साथ ही जिले का भी मान बढ़ाया है। कमलेश का आईएएस में चयन होेने से पूरे गांव में खुशी का महौल है। बेटे की इस सफलता से माता-पिता फूले नहीं समां रहे हैं। कमलेश कुमार अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने बड़े भाई राकेश कुमार (आईपीएस) से मिली, वहीं आईएएस बनने की प्रेरणा कमलेश पिता रमेश कुमार वर्मा और मां प्रेमा देवी के सहयोग को देेते हैं। वह कहते हैं कि इसके अलावा उनके चाचा महीपत सिंह (एडीजे चंदौली), पटेल इंटर कॉलेज ननौरा के प्रबंधक जंग बहादुर, कालीचरन और चचेरे भाई जितेंद्र सिंह (पीसीएस जे) से समय-समय पर मार्गदर्शन मिला। कमलेश ने अपनी प्राइमरी शिक्षा शहर के संत जोसफ स्कूल से पूरी की। इसके बाद ज्ञानस्थली पब्लिक स्कूल से हाईस्कूल कर तैयारी के लिए इलाहाबाद चले गए। साथ ही दिल्ली में रहकर आईएएस परीक्षा की तैयारी की। उन्हाेंने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया है।
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