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बारिश के बाद खेतों में चलने लगे हल
अमर उजाला महोबा
Updated Sun, 03 Jul 2016 12:00 AM IST
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खेत में हल से जुताई करता किसान
- फोटो : अमर उजाला
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बारिश के बाद शनिवार को खेतों में हल चलने लगे। नमी आते ही किसान बैल लेकर खेतों में पहुंच गए। जिससे शनिवार को सारा दिन खेतों में किसानों की भीड़ रही। सूखा के कारण इधर तीन साल से खेतों में काम करने की किसानों में रुचि नहीं थी। वहीं शनिवार को पूरा दिन किसानों ने खेत पर पूरे परिवार के साथ काम करते हुए बिताया।
तीन साल बाद बारिश होने से किसानों के चेहरे खिले हैं। शुक्रवार को देर शाम तक बारिश होने से खेतों में अच्छी नमी देखकर किसान शनिवार सुबह हल और बैल लेकर खेतों में पहुंच गए। जहां सारा दिन जुताई व बुवाई में जुटे रहे। किसानों के खेतों में पहुंचने से खेतों की रौनक बढ़ गई। चारों तरफ खेतों में कहीं किसान हल से तो कहीं ट्रैक्टर से जुताई कराते दिखे।
मालूम हो कई सालों से बारिश न होने के कारण रबी की फसल की पैदावार तीन सालों से नहीं हो रही थी। जिसके चलते अरहर, उर्द, मूंग की दालें दो गुना कीमत पर बिक रही हैं। वहीं ज्वार ढूंढे नहीं मिल रही। जिससे किसान ज्वार की बीज के लिए भटक रहे हैं। किसान खेतों में काम के लिए निकला तो शनिवार को गांवों में सन्नाटा रहा।
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तीन साल बाद बारिश होने से किसानों के चेहरे खिले हैं। शुक्रवार को देर शाम तक बारिश होने से खेतों में अच्छी नमी देखकर किसान शनिवार सुबह हल और बैल लेकर खेतों में पहुंच गए। जहां सारा दिन जुताई व बुवाई में जुटे रहे। किसानों के खेतों में पहुंचने से खेतों की रौनक बढ़ गई। चारों तरफ खेतों में कहीं किसान हल से तो कहीं ट्रैक्टर से जुताई कराते दिखे।
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मालूम हो कई सालों से बारिश न होने के कारण रबी की फसल की पैदावार तीन सालों से नहीं हो रही थी। जिसके चलते अरहर, उर्द, मूंग की दालें दो गुना कीमत पर बिक रही हैं। वहीं ज्वार ढूंढे नहीं मिल रही। जिससे किसान ज्वार की बीज के लिए भटक रहे हैं। किसान खेतों में काम के लिए निकला तो शनिवार को गांवों में सन्नाटा रहा।
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