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नसबंदी से पुरषों में नहीं आती कमजोरी
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महोबा। विश्व जनसंख्या दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल मीटिंग के माध्यम जरिए जनपद में जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि कोरोना से लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। इसलिए हमें सतर्कता बरते हुए परिवार नियोजन के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी निभानी है। चरखारी सीएचसी में उप जिलाधिकारी ने लोगों को परिवार नियोजन के फायदे बताए।
जिला अस्पताल में डीएम सत्येंद्र कुमार ने पखवाड़े की शुरुआत करते हुए कहा कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ। तीसरी लहर भी संभावित है। ऐसे में परिवार का खास ख्याल रखने की जरूरत है। परिवार नियोजन से आर्थिक स्थिति ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एमके सिन्हा ने बताया कि 31 जुलाई तक चलने वाले इस पखवाड़े के दौरान शासन के निर्देशानुसार विभिन्न कार्यक्रम व गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। चरखारी सीएचसी में उप जिलाधिकारी पियूष कुमार जायसवाल ने कहा कि कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को परिवार नियोजन के लिए प्रेरित करें।
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इस मौके पर नगर पालिका चेयरमैन मूलचंद्र अनुरागी, एसीएमओ डा.वीके चैहान, चिकित्साधीक्षक डा. विनय पटेल, डा. आनंद, जिला लॉजिस्टिक मैनेजर जितेश सोनी, डीएफपीएस राजेश प्रजापति सहित स्टाफ उपस्थित रहा।
भ्रांतियों से महिला-पुरुषों में बड़ा अंतर
सीएमओ ने बताया कि परिवार नियोजन को लेकर महिला-पुरुष का बड़ा अंतर भ्रांतियों की वजह से है। जागरुकता की कमी से पुरुष नसबंदी नहीं कराते। समय-समय पर अभियान, शिविर व कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें प्रेरित किया जाता है। कुछ पुरुषों का मानना है कि नसबंदी कराने से शारीरिक दिक्कतें आती हैं। जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। लोगों को मन से भ्रांति निकालकर परिवार नियोजन में आगे आना चाहिए।
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जिला अस्पताल में डीएम सत्येंद्र कुमार ने पखवाड़े की शुरुआत करते हुए कहा कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ। तीसरी लहर भी संभावित है। ऐसे में परिवार का खास ख्याल रखने की जरूरत है। परिवार नियोजन से आर्थिक स्थिति ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एमके सिन्हा ने बताया कि 31 जुलाई तक चलने वाले इस पखवाड़े के दौरान शासन के निर्देशानुसार विभिन्न कार्यक्रम व गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। चरखारी सीएचसी में उप जिलाधिकारी पियूष कुमार जायसवाल ने कहा कि कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को परिवार नियोजन के लिए प्रेरित करें।
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इस मौके पर नगर पालिका चेयरमैन मूलचंद्र अनुरागी, एसीएमओ डा.वीके चैहान, चिकित्साधीक्षक डा. विनय पटेल, डा. आनंद, जिला लॉजिस्टिक मैनेजर जितेश सोनी, डीएफपीएस राजेश प्रजापति सहित स्टाफ उपस्थित रहा।
भ्रांतियों से महिला-पुरुषों में बड़ा अंतर
सीएमओ ने बताया कि परिवार नियोजन को लेकर महिला-पुरुष का बड़ा अंतर भ्रांतियों की वजह से है। जागरुकता की कमी से पुरुष नसबंदी नहीं कराते। समय-समय पर अभियान, शिविर व कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें प्रेरित किया जाता है। कुछ पुरुषों का मानना है कि नसबंदी कराने से शारीरिक दिक्कतें आती हैं। जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। लोगों को मन से भ्रांति निकालकर परिवार नियोजन में आगे आना चाहिए।