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दरोगा व सिपाही की जमानत याचिका पर अब 28 अक्तूबर को सुनवाई
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कबरई (महोबा)। क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी मौत के मामले में आरोपी कबरई के तत्कालीन थानाध्यक्ष देवेंद्र शुक्ला व सिपाही अरुण यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई की तारीख एक बार फिर बढ़ा दी गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 28 अक्तूबर निर्धारित की है।
कबरई के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया में ऑडियो व वीडियो वायरल किया था। आठ सितंबर को उनके गले में गोली लग गई थी और 13 सितंबर को मौत हो गई थी। इस मामले में तत्कालीन एसपी, थानाध्यक्ष कबरई, सिपाही, व्यापारी सुरेश सोनी व ब्रह्मदत्त के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। तत्कालीन एसपी मणिलाल को छोड़कर शेष सभी आरोपी जेल में हैं। एक वर्ष से अधिक का समय बीतने के बाद भी पुलिस एक लाख के इनामी पाटीदार को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
मामले में शामिल कबरई के तत्कालीन थानाध्यक्ष व सिपाही की जमानत याचिका पर सात अक्तूबर को उच्च न्यायालय इलाहाबाद में सुनवाई होनी थी लेकिन बहस पूरी न होने के चलते तारीख बढ़ाकर 21 अक्तूबर कर दी गई थी। 21 अक्तूबर को एक बार फिर बहस नहीं हो सकी। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता चंद्रप्रकाश तिवारी ने बताया कि सुनवाई न हो पाने के चलते अगली तारीख 28 अक्तूबर तय की गई है।
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कबरई के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया में ऑडियो व वीडियो वायरल किया था। आठ सितंबर को उनके गले में गोली लग गई थी और 13 सितंबर को मौत हो गई थी। इस मामले में तत्कालीन एसपी, थानाध्यक्ष कबरई, सिपाही, व्यापारी सुरेश सोनी व ब्रह्मदत्त के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। तत्कालीन एसपी मणिलाल को छोड़कर शेष सभी आरोपी जेल में हैं। एक वर्ष से अधिक का समय बीतने के बाद भी पुलिस एक लाख के इनामी पाटीदार को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
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मामले में शामिल कबरई के तत्कालीन थानाध्यक्ष व सिपाही की जमानत याचिका पर सात अक्तूबर को उच्च न्यायालय इलाहाबाद में सुनवाई होनी थी लेकिन बहस पूरी न होने के चलते तारीख बढ़ाकर 21 अक्तूबर कर दी गई थी। 21 अक्तूबर को एक बार फिर बहस नहीं हो सकी। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता चंद्रप्रकाश तिवारी ने बताया कि सुनवाई न हो पाने के चलते अगली तारीख 28 अक्तूबर तय की गई है।
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