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ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसल
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
Updated Fri, 27 Jan 2017 09:33 PM IST
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हाथ में ओला दिखाता किसान।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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दैवीय आपदाओं का प्रकोप बुंदेले किसानों का पीछा नहीं छोड़ रहा है। शुक्रवार की भोर बूंदाबांदी के साथ करीब आधा घंटा तक हुई ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसल जमीन में बिछ गई। एक दर्जन से अधिक गांवों में ओलावृष्टि से फसल बर्बाद होने से किसान परेशान है। किसानों ने उपजिलाधिकारी को फसल बर्बाद होने की सूचना देते हुए जांच कराने की मांग है।
एक सप्ताह से निकल रही तेज धूप के बाद गुरुवार की रात अचानक मौसम बदल गया। तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी होने लगी। शुक्रवार की भोर बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। इससे किसानों के खेतों में फल व फूल से लदी फसल जमीन में गिरकर बर्बाद हो गई। चरखारी विकासखंड के ग्राम गौरहारी, भटेवरा, बपरेथा, करहराखुर्द, कीरतपुरा, जतौरा, रिवई, पंचमपुरा, खरेला सहित एक दर्जन अधिक गांवों में ओलावृष्टि है।
किसान बृजेंद्र, नीतेंद्र, बबलू यादव, ग्राम प्रधान गौरहारी राजू राजपूत आदि ने बताया कि चार वर्ष सूखे के चलते खेतों में पैदावार नहीं हुई। इस बार बेहतर बारिश होने पर फसल अच्छी होने की उम्मीद थी, लेकिन ओलावृष्टि से 50 फीसदी से अधिक फसल बर्बाद हुई है। उन्होंने उपजिलाधिकारी चरखारी मृदुल चौधरी को ओलावृष्टि से फसल बर्बाद होने की जानकारी देते हुए जांच कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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एक सप्ताह से निकल रही तेज धूप के बाद गुरुवार की रात अचानक मौसम बदल गया। तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी होने लगी। शुक्रवार की भोर बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। इससे किसानों के खेतों में फल व फूल से लदी फसल जमीन में गिरकर बर्बाद हो गई। चरखारी विकासखंड के ग्राम गौरहारी, भटेवरा, बपरेथा, करहराखुर्द, कीरतपुरा, जतौरा, रिवई, पंचमपुरा, खरेला सहित एक दर्जन अधिक गांवों में ओलावृष्टि है।
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किसान बृजेंद्र, नीतेंद्र, बबलू यादव, ग्राम प्रधान गौरहारी राजू राजपूत आदि ने बताया कि चार वर्ष सूखे के चलते खेतों में पैदावार नहीं हुई। इस बार बेहतर बारिश होने पर फसल अच्छी होने की उम्मीद थी, लेकिन ओलावृष्टि से 50 फीसदी से अधिक फसल बर्बाद हुई है। उन्होंने उपजिलाधिकारी चरखारी मृदुल चौधरी को ओलावृष्टि से फसल बर्बाद होने की जानकारी देते हुए जांच कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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