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गीता से धर्म और सदाचार की मिलती है सीख
amar ujala mahoba
Updated Sun, 11 Dec 2016 11:18 PM IST
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शीतला माता मंदिर में कार्यक्रम में गीता की पुस्तक का वितरण किया गया।
- फोटो : amarujala
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संस्कृत भारती की ओर से शहर के शीतला माता मंदिर परिसर में गीता जयंती पर महिला गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें गीता के सार की जानकारी दी गई। इस मौके पर महिलाओं को गीता की पुस्तक भेंट करते हुए गरीबों, असहायों की मदद के साथ सत्य की राह पर चलने का संकल्प दिलाया गया।
गोष्ठी में प्रांत की महिला प्रभारी संध्या गर्ग त्रिपाठी ने गीता के मार्ग पर चलने का उपदेश दिया। कहा कि कर्म ही पूजा है। अपने सतकर्म, निष्ठा से मार्ग को प्रशस्त करो और आगे बढ़कर बुलंदियों को छुओ। गीता धर्म, अर्थ एवं कार्य सभी का ज्ञान देती है और सदाचार सिखाती है। इस दौरान गीता ग्रंथ की पूजा अर्चना की गई। महिलाओं को गीता की पुस्तक वितरित की गई।
इस दौरान महिला सशक्तिकरण, गीता के अध्ययन व बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में चांदरानी, शैलकुमारी, वैष्णवी, संध्या, आराधना, पूजा आदि महिलाएं मौजूद रहीं।
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गोष्ठी में प्रांत की महिला प्रभारी संध्या गर्ग त्रिपाठी ने गीता के मार्ग पर चलने का उपदेश दिया। कहा कि कर्म ही पूजा है। अपने सतकर्म, निष्ठा से मार्ग को प्रशस्त करो और आगे बढ़कर बुलंदियों को छुओ। गीता धर्म, अर्थ एवं कार्य सभी का ज्ञान देती है और सदाचार सिखाती है। इस दौरान गीता ग्रंथ की पूजा अर्चना की गई। महिलाओं को गीता की पुस्तक वितरित की गई।
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इस दौरान महिला सशक्तिकरण, गीता के अध्ययन व बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में चांदरानी, शैलकुमारी, वैष्णवी, संध्या, आराधना, पूजा आदि महिलाएं मौजूद रहीं।
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