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Mahoba News: लंबे समय से रडार पर थीं फर्में, 55 दिन पहले दिए गए थे नोटिस

Mon, 10 Feb 2025 11:50 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा Updated Mon, 10 Feb 2025 11:50 PM IST
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Firms were on the radar for a long time, notices were given 55 days ago
महोबा। यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित जनपद महोबा में जीएसटी बिल में 18 करोड़ का भंडाफोड़ होने के बाद फर्म संचालकों की चिंताएं बढ़ गईं हैं। जो फर्में जांच व कार्रवाई के घेरे में आई हैं, वह लंबे समय से राज्य कर विभाग की रडार पर थीं। इन फर्मों के संचालकों ने ठेकेदारों के साथ मिलकर बिना किसी सामग्री के लेनदेन के फर्जी बिल बनाकर करोड़ों की कर चोरी की।
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वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 व 2024-25 में इन फर्मों की ओर से काटे गए जीएसटी बिल की जांच की गई। जांच के दौरान घोटाले की परतें खुलने लगीं। इस पर विभागीय अधिकारियों ने गंभीरता दिखाई और फर्म संचालकों को नोटिस भी जारी किए गए। जांच के दायरे में आई एक फर्म अतुल बाबू त्रिपाठी को राज्य कर विभाग के अधिकारियों की ओर से 17 दिसंबर 2024 को नोटिस जारी किया गया था। उनकी फर्म के नाम से काटे गए बिल को लेकर जानकारी हासिल की थी। इसके अलावा अन्य फार्मों की भी जांच की जाती रही। जांच में फर्में जीएसटी विभाग के निशाने पर आ गईं। उधर, राज्यकर विभाग के आयुक्त नीरज सेंगर का कहना है कि बिना खरीद-फरोख्त के बिल जारी करने वाली फर्मों की जांच चल रही है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद गड़बड़झाला करने वाली फर्माें पर कार्रवाई की जाएगी।
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यह है मामला
महोबा। जीएसटी की जांच में सामने आया कि अतुल बाबू समेत तीन फर्मों ने कागजों में करोड़ों रुपये फर्जी बिलिंग दिखाई। इन फर्मों ने न तो कोई सामान खरीदा और न ही बेचा लेकिन ठेकेदारों को फर्जी बिल जारी कर दिए। ठेकेदारों ने इन फर्जी बिलों के आधार पर जीएसटी का लाभ तो लिया लेकिन फर्मों ने यह राशि सरकारी खजाने में जमा नहीं की। विभाग ने एक फर्म का रजिस्ट्रेशन निरस्त किया है जबकि शेष फर्मों की जांच चल रही है।
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जीएसटी आईडी व पासवर्ड लेकर फर्जी बिल काटने के आरोप
महोबा। जीएसटी में पंजीकृत फर्म अतुल बाबू के संचालक कुलपहाड़ तहसील के लमौरा गांव निवासी अतुल बाबू हैं। उन्हें 17 दिसंबर 2024 को जीएसटी की ओर से नोटिस दिया गया था। कार्रवाई की जद में आए संचालक ने बताया कि जैतपुर के नरइयापुरा निवासी एक व्यक्ति उसकी फर्म का काम देख रहा था। उन्होंने वर्ष 2022 से इस फर्म पर कोई कार्य नहीं किया लेकिन उक्त व्यक्ति के पास उसका जीएसटी आईडी नंबर व पासवर्ड था। इसका वह व्यक्ति दुरुपयोग करता रहा। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल से करते हुए दोषी के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। (संवाद)
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