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Mahoba News: ठठेवरा गांव में किसानों की भूमि पर हुआ फर्जी फसल बीमा
Sun, 21 Sep 2025 12:40 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sun, 21 Sep 2025 12:40 AM IST
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महोबा। फसल बीमा में हुए फर्जीवाड़ा की परतें लगातार खुल रही हैं। अब तहसील कुलपहाड़ के ठठेवरा गांव में किसानों की भूमि पर फर्जी तरीके से बीमा कराए जाने का मामला सामने आया है। फर्जी बीमा कराने वालों ने अपना पता भी गलत दर्ज किया है। इससे भूमि के वास्तविक मालिक किसान परेशान हैं।
तहसील कुलपहाड़ के ग्राम ठठेवरा गांव निवासी किसान राधा की जमीन का खसरा संख्या 311 है। इस जमीन पर खूबचंद्र के नाम बीमा हो गया। खूबचंद्र ने 0.56700 हेक्टेयर भूमि पर बीमा कराया है जबकि उसने अपना पता करहराडांग लिखाया। किसान ने जब पोर्टल से जानकारी जुटाई तो पता गलत निकला और गांव में इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं है। इसी तरह किसान मतैया की भूमि खसरा संख्या 158, 212 में है। उसकी 1.534 हेक्टेयर भूमि पर गुलाब नाम के व्यक्ति ने फर्जी तरीके से बीमा करा लिया। बीमा में पता ठठेवरा लिखाया गया। जानकारी करने पर यह पता गलत मिला। किसान किशोरा की जमीन का करहराडांग निवासी जितेंद्र ने बीमा कराया। इसने भी पता गलत दर्ज कराया। फर्जी तरीके से फसल बीमा होने से किसान परेशान हैं। उधर, उप कृषि निदेशक रामसजीवन का कहना है कि फर्जी तरीके से फसल बीमा कराने के मामले की जांच चल रही है। जिन लोगों ने फर्जीवाड़ा किया है उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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अब तक छह एफआईआर, दस गिरफ्तार, प्रबंधक अब भी फरार
महोबा। फर्जी तरीके से फसल बीमा होने का मामला पिछले 24 दिन से सुर्खियों में है। इस मामले में अब तक जिले में अलग-अलग छह एफआईआर दर्ज कर 26 नामजद समेत कई अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट है। पुलिस अब तक दस आरोपियों को जेल भेज चुकी है। वहीं, कृषि विभाग के पटल सहायक अतुलेंद्र विक्रम सिंह को निलंबित किया जा चुका है। छानबीन में सामने आया है कि एक-एक व्यक्ति के नाम पर कई फसल बीमा पॉलिसी का क्लेम भी निकाला गया। इस मामले में फरार चल रहे बीमा कंपनी के जिला प्रबंधक निखिल चतुर्वेदी को पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। जय जवान जय किसान यूनियन दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और पूरे फर्जीवाड़े के खुलासे के लिए सीबीआई जांच की मांग को लेकर सदर तहसील में अनिश्चितकालीन धरना दे रही है। यूनियन के अध्यक्ष गुलाब सिंह राजपूत का कहना है कि जब तक पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
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तहसील कुलपहाड़ के ग्राम ठठेवरा गांव निवासी किसान राधा की जमीन का खसरा संख्या 311 है। इस जमीन पर खूबचंद्र के नाम बीमा हो गया। खूबचंद्र ने 0.56700 हेक्टेयर भूमि पर बीमा कराया है जबकि उसने अपना पता करहराडांग लिखाया। किसान ने जब पोर्टल से जानकारी जुटाई तो पता गलत निकला और गांव में इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं है। इसी तरह किसान मतैया की भूमि खसरा संख्या 158, 212 में है। उसकी 1.534 हेक्टेयर भूमि पर गुलाब नाम के व्यक्ति ने फर्जी तरीके से बीमा करा लिया। बीमा में पता ठठेवरा लिखाया गया। जानकारी करने पर यह पता गलत मिला। किसान किशोरा की जमीन का करहराडांग निवासी जितेंद्र ने बीमा कराया। इसने भी पता गलत दर्ज कराया। फर्जी तरीके से फसल बीमा होने से किसान परेशान हैं। उधर, उप कृषि निदेशक रामसजीवन का कहना है कि फर्जी तरीके से फसल बीमा कराने के मामले की जांच चल रही है। जिन लोगों ने फर्जीवाड़ा किया है उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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अब तक छह एफआईआर, दस गिरफ्तार, प्रबंधक अब भी फरार
महोबा। फर्जी तरीके से फसल बीमा होने का मामला पिछले 24 दिन से सुर्खियों में है। इस मामले में अब तक जिले में अलग-अलग छह एफआईआर दर्ज कर 26 नामजद समेत कई अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट है। पुलिस अब तक दस आरोपियों को जेल भेज चुकी है। वहीं, कृषि विभाग के पटल सहायक अतुलेंद्र विक्रम सिंह को निलंबित किया जा चुका है। छानबीन में सामने आया है कि एक-एक व्यक्ति के नाम पर कई फसल बीमा पॉलिसी का क्लेम भी निकाला गया। इस मामले में फरार चल रहे बीमा कंपनी के जिला प्रबंधक निखिल चतुर्वेदी को पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। जय जवान जय किसान यूनियन दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और पूरे फर्जीवाड़े के खुलासे के लिए सीबीआई जांच की मांग को लेकर सदर तहसील में अनिश्चितकालीन धरना दे रही है। यूनियन के अध्यक्ष गुलाब सिंह राजपूत का कहना है कि जब तक पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।