फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   Fair resembled a splash of cultural and singing aalha

मेले में सांस्कृतिक और आल्हा गायन की मची धूम

Tue, 01 Sep 2015 10:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो महोबा।
अमर उजाला ब्यूरो महोबा। Updated Tue, 01 Sep 2015 10:43 PM IST
विज्ञापन
Fair resembled a splash of cultural and singing aalha
ऐतिहासिक कजली मेला दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मेले मेें सारा दिन ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटने से मेला परिसर खचाखच भरा रहा। वहीं मेला परिसर में चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आल्हा सुनने को श्रोताओं की भारी भीड़ जुटी रही। रायबरेली से आई महिला आल्हा गायिका ने वीर रस की पंक्तियां प्रस्तुत कर श्रोताओं में जोश भर दिया। उधर सांस्कृतिक मंच पर बांदा जिले के बड़ोखर गांव से आई दीवारी नृत्य टीम ने हैरतअंगेज कारनामों को दर्शकों ने जमकर सराहना की।
विज्ञापन

कजली मेले के तीसरे दिन कीरत सागर तट हजारों लोगों की भीड़ का गवाह बना। यहां पर कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया गया बुंदेली नृत्य दर्शकों द्वारा सबसे अधिक सराहा गया। वहीं रात्रि में महिला आल्हा गायक ने आल्हा गायन की पंक्तियां सुनाकर दर्शकों में जोश भर दिया। मेले में पहली बार महिला आल्हा गायन का कार्यक्रम होने से  आल्हा के शौकीन लोगों की भारी भीड़ जुटी। सांस्कृतिक मंच पर रात्रि में हुए कार्यक्रम में दीवारी नृत्य आकर्षण का लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा। इस मौके पर कलाकारों द्वारा दिखाए गए हैरतअंगेज कारनामे दर्शकों ने खूब सराहे। कलाकारों के कारनामों के प्रसन्न होकर लोगों ने कलाकारों को ईनाम देकर पुरस्कृत किया। देर रात तक सांस्कृतिक मंच में भी कलाकारों ने बुंदेली विधा प्रदर्शित की। उधर कीरत सागर तट पर बाहर से आई दुकानों में सारा दिन भीड़ जुटी रही, वहीं ग्रामीण अंचलों से कजली मेला देखने आईं महिलाओं ने झूलों का लुत्फ उठाया।
विज्ञापन


आल्हा मंच पर आपसी भाईचारे का दिया संदेश
कजली मेले के मौके पर आल्हा मंच मेें राष्ट्रीय एकीकरण की संपन्न हुई बैठक में आपसी भाईचारा और कौमी एकता बनाए रखने की अपील की गई। बैठक में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई  समुदाय के लोगों ने देश की एकता और आपसी भाईचारा, सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया। बैठक में महंत विशंभरदास, काजी-ए- शहर सैयद आफाक हुसैन, पादरी लेखराज, गुरुद्वारा प्रबंध समिति के अध्यक्ष सरदार दलीप सिंह, आल्हा परिषद के अध्यक्ष दाऊ तिवारी, शिवकुमार गोस्वामी, रामजी गुप्ता और अनिल अवस्थी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


ब्रेकडांस झूला बना आकर्षण का केंद्र
कजली मेले में पहली दफा आया ब्रेेकडांस झूला आकर्षण का केंद्र रहा। इस दफा सभी बड़े बड़े ऊंचे झूले, गोल झूले और पालकियां फेल हो गईं। दर्शक इस बार ब्रेकडांस झूले को खासा पसंद कर रहे हैं। तेज रफ्तार से चलने वाला बिजली का यह झूला तेज चलते चलते एक एक रुक जाता है और डांस की तर्ज पर इधर से उधर घूमने लगता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed