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ईओ,चेयरमैन व चार सभासदों से स्पष्टीकरण तलब

Fri, 21 Jan 2022 11:18 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 21 Jan 2022 11:18 PM IST
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Explanation summoned from EO, Chairman and four members
कबरई(महोबा)। नगर पंचायत कबरई में दुकानों के आवंटन में गड़बड़ी के मामले में ईओ, चेयरमैन व चार सभासदों से मुख्य सचिव ने दो सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। जिससे नगर पंचायत में हड़कंप मचा है। मामले की जांच तत्कालीन एसडीएम राजेश यादव ने की की थी, जिसमें 181 पन्नों की जांच आख्या शासन को भेजी थी।
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बता दें कि नगर पंचायत कबरई के नौ सभासदों अवधेश कुमार, रामसखी, नीरज सोनी, पुष्पेंद्र सिंह, रविकांत, फारूक अहमद, माया, राजश्री एवं राजकुमारी द्वारा एक वर्ष पूर्व नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी द्वारा वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत शासन-प्रशासन के उच्चाधिकारियों से की गई थी। शिकायतकर्ताओं द्वारा नगर पंचायत द्वारा निर्मित चालीस दुकानों में से 27 दुकानों के आवंटन में घोटाला किए जाने, रायबरेली, झांसी आदि बाहरी संस्करणों में विज्ञप्ति प्रसारित करवाने, ईओ की तीन बाहरी फर्जी फर्मों को ही सर्वाधिक काम देने व भुगतान करने तथा नगर विकास संबंधी सामान की खरीद पर घपला किए जाने, गोशाला के लिए भूसे की खरीद पर भी घोटाला किए जाने आदि कई अनियमितताओं की 8 फरवरी 2021 को लिखित शिकायत की गई थी।
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सभासदों द्वारा आरोप लगाया गया था कि नगर पंचायत द्वारा निर्मित चालीस दुकानों में से 27 दुकानों का मिलीभगतपूर्ण आवंटन किया गया है। सभासदों ने आरोप लगाया है कि 20 मार्च 2020 को दुकानों की बोली की कम से कम राशि एक लाख रुपये निर्धारित की गई थी। ईओ द्वारा खुली बोली न करवाकर बोलीकर्ताओं से साठगांठ करके सभी 27 दुकानों को एक-एक लाख रुपये में आवंटित कर दिया गया है, जो कि नियम के विरुद्ध है। उन्हीं 40 दुकानों में से बची शेष तेरह दुकानों की बोली 10 नवंबर 2020 को नायब तहसीलदार धनराज सिंह की अध्यक्षता में खुली बोली कराई गई। बोली एक लाख से ही शुरू हुई किंतु अधिकतम बोली तीन लाख 63 हजार तक पहुंची। सभासदों का आरोप है कि ईओ द्वारा सामने की दुकानों का आवंटन एक-एक लाख में किया गया जबकि खुली बोली करवाए जाने पर पीछे की दुकानों की बोली तीन लाख तिरसठ हजार तक पहुंची तो सामने की दुकानें और अधिक कीमत पर आवंटित हो सकती थीं। ईओ के इन कृत्यों से भारी राजस्व की हानि हुई है। इसके अलावा नगर विकास संबंधी सामान की खरीद पर भी ईओ द्वारा घोटाला किया गया है।
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तत्कालीन उपजिलाधिकारी राजेश यादव द्वारा सभासदों की सात बिंदुओं की शिकायत पर बिंदुवार जांच करते हुए सभासदों की पूरी शिकायत को सही करार देते हुए तथा ईओ नगर पंचायत को दोषी ठहराते हुए 12 मार्च 2021 को ईओ पर गंभीर आरोप लगाते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के समक्ष 181 पन्नों की आख्या प्रस्तुत की गई थी।

उसी आख्या का संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव के आदेशानुसार जिलाधिकारी मनोज कुमार द्वारा नगर पंचायत ईओ सहित चेयरमैन व चार सभासदों को पंद्रह दिन के अंदर जवाब देने के बाबत नोटिस तामील करवाया गया है।
नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि सभासदों की शिकायत पर मुख्य सचिव द्वारा पंद्रह दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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