{"_id":"604a4e668ebc3e5907772286","slug":"electicity-mahoba-news-knp6170183129","type":"story","status":"publish","title_hn":"22 गांवो में 18 घंटे गुल रही बिजली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
22 गांवो में 18 घंटे गुल रही बिजली
विज्ञापन
कुलपहाड़ (महोबा)। विद्युत उपकेंद्र कुलपहाड़ की मशीन फुंकने से 22 गांवों में तकरीबन 18 घंटे विद्युत आपूर्ति बाधित रही। बुधवार की रात 11 बजे आपूर्ति बाधित हुई। गुरुवार को शाम पांच बजे के बाद दूसरे फीडर से लाइन जोड़कर आपूर्ति बहाल की गई। इस बीच ग्रामीणों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी।
गर्मी की दस्तक के साथ बिजली व्यवस्था बेपटरी होने लगी है। बुधवार की रात 11 बजे 33 केवीए विद्युत उप केंद्र कुलपहाड़ की इनकमिंग मशीन फुंक गई। इससे मुढारी फीडर से जुड़े 10 गांव, कुलपहाड़ नगर और सूपा फीडर से जुड़े 12 से अधिक गांव अंधेरे में डूब गए। विद्युत उपकेंद्र पर ड्यूटी पर तैनात नरेश कुमार मशीन फुंकने से बाल-बाल बच गया।
अवर अभियंता शैलेंद्र कुमार और एसडीओ विकास श्रीवास्तव के नेतृत्व में विभाग की टीम गुरुवार को पूरे दिन विद्युत आपूर्ति बहाल करने की कोशिश में लगी रही। दूसरे फीडर से लाइन जोड़ने के बाद शाम को आपूर्ति बहाल हो सकी।
विज्ञापन
एसडीओ विकास श्रीवास्तव ने बताया कि मशीन तीन माह पहले लगाई गई थी, जो गारंटी अवधि में है। इसीलिए उसे कंपनी द्वारा ही बदला जाएगा। मशीन बदले जाने तक के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में सुगिरा गांव को रिछा फीडर से जोड़ दिया गया है, जबकि मुढारी को सूपा फीडर के साथ जोड़कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
विज्ञापन
गर्मी की दस्तक के साथ बिजली व्यवस्था बेपटरी होने लगी है। बुधवार की रात 11 बजे 33 केवीए विद्युत उप केंद्र कुलपहाड़ की इनकमिंग मशीन फुंक गई। इससे मुढारी फीडर से जुड़े 10 गांव, कुलपहाड़ नगर और सूपा फीडर से जुड़े 12 से अधिक गांव अंधेरे में डूब गए। विद्युत उपकेंद्र पर ड्यूटी पर तैनात नरेश कुमार मशीन फुंकने से बाल-बाल बच गया।
विज्ञापन
अवर अभियंता शैलेंद्र कुमार और एसडीओ विकास श्रीवास्तव के नेतृत्व में विभाग की टीम गुरुवार को पूरे दिन विद्युत आपूर्ति बहाल करने की कोशिश में लगी रही। दूसरे फीडर से लाइन जोड़ने के बाद शाम को आपूर्ति बहाल हो सकी।
विज्ञापन
एसडीओ विकास श्रीवास्तव ने बताया कि मशीन तीन माह पहले लगाई गई थी, जो गारंटी अवधि में है। इसीलिए उसे कंपनी द्वारा ही बदला जाएगा। मशीन बदले जाने तक के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में सुगिरा गांव को रिछा फीडर से जोड़ दिया गया है, जबकि मुढारी को सूपा फीडर के साथ जोड़कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।