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विद्युतीकरण घोटाले में एक्सईएन समेत आठ अभियंताओं पर मुकदमा दर्ज
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महोबा। जिले में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत वर्ष 2005-06 में छह करोड़ रुपये से कराए गए विद्युतीकरण में 66 लाख रुपये घोटाले के मामले में सतर्कता अधिष्ठान झांसी के निरीक्षक ने शहर कोतवाली में दो पूर्व एक्सईएन समेत छह अभियंताओं के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश रचने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है, जबकि फर्म मालिक व एक अवर अभियंता के खिलाफ साजिश रचने का मुकदमा लिखा गया है। मामले की विवेचना उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान झांसी करेगा।
गौरतलब है कि जिले में वर्ष 2005-06 में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत विकासखंड जैतपुर, कबरई, पनवाड़ी, कबरई और चरखारी में लगभग 150 गांवों में विद्युतीकरण का कार्य कराया गया था, जिसमें विद्युत पोल लगाकर बिजली लाइन बिछाई थी। करोड़ों रुपये के इस कार्य में वर्ष 2010 में 66 लाख रुपये का घोटाला उजागर हुआ था। इसकी जांच उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान झांसी ने की थी। छह माह से चल रही जांच दौरान बिजली विभाग के अभियंताओं को झांसी तलब कर बयान दर्ज किए थे। जांच के बाद दोषी पाए गए दो पूर्व एक्सईएन समेत कुल आठ लोगों के खिलाफ कोतवाली महोबा में मुकदमा दर्ज कराया गया।
उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान झांसी सेक्टर के प्रभारी निरीक्षक रामऔतार वर्मा ने गुरुवार को कोतवाली में अधिशासी अभियंता रमेशचंद्र, सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता नन्हू सिंह, सेवानिवृत्त सहायक अभियंता चतुर सिंह, सेवानिवृत्त सहायक अभियंता रघुवीर प्रसाद साहू, अवर अभियंता सत्यम गौड़ व अवर अभियंता एमपी सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश रचने व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है, जबकि अवर अभियंता शिवम जौहरी व आईवीआरसीएल फर्म के मालिक, निवासी हैदराबाद के खिलाफ साजिश रचने का मामला दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई से विद्युतीकरण घोटालेे में शामिल अधिकारियों में हड़कंप मचा है। उक्त अभियंताओं में सिर्फ एमपी सिंह जेई के पद पर अभी भी महोबा में तैनात है।
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गौरतलब है कि जिले में वर्ष 2005-06 में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत विकासखंड जैतपुर, कबरई, पनवाड़ी, कबरई और चरखारी में लगभग 150 गांवों में विद्युतीकरण का कार्य कराया गया था, जिसमें विद्युत पोल लगाकर बिजली लाइन बिछाई थी। करोड़ों रुपये के इस कार्य में वर्ष 2010 में 66 लाख रुपये का घोटाला उजागर हुआ था। इसकी जांच उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान झांसी ने की थी। छह माह से चल रही जांच दौरान बिजली विभाग के अभियंताओं को झांसी तलब कर बयान दर्ज किए थे। जांच के बाद दोषी पाए गए दो पूर्व एक्सईएन समेत कुल आठ लोगों के खिलाफ कोतवाली महोबा में मुकदमा दर्ज कराया गया।
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उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान झांसी सेक्टर के प्रभारी निरीक्षक रामऔतार वर्मा ने गुरुवार को कोतवाली में अधिशासी अभियंता रमेशचंद्र, सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता नन्हू सिंह, सेवानिवृत्त सहायक अभियंता चतुर सिंह, सेवानिवृत्त सहायक अभियंता रघुवीर प्रसाद साहू, अवर अभियंता सत्यम गौड़ व अवर अभियंता एमपी सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश रचने व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है, जबकि अवर अभियंता शिवम जौहरी व आईवीआरसीएल फर्म के मालिक, निवासी हैदराबाद के खिलाफ साजिश रचने का मामला दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई से विद्युतीकरण घोटालेे में शामिल अधिकारियों में हड़कंप मचा है। उक्त अभियंताओं में सिर्फ एमपी सिंह जेई के पद पर अभी भी महोबा में तैनात है।
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