फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   Due to route diversion, business of Patthar Mandi decreased by 60% in 18 days

Mahoba News: रूट डायवर्जन से 18 दिन में 60 फीसदी घटा पत्थरमंडी का कारोबार

Mon, 24 Mar 2025 11:49 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा Updated Mon, 24 Mar 2025 11:49 PM IST
विज्ञापन
Due to route diversion, business of Patthar Mandi decreased by 60% in 18 days
कबरई (महोबा)। गिट्टी लेकर जाने वाले भारी वाहनों के लिए लागू रूट डायवर्जन की वजह से पत्थरमंडी का कारोबार 60 फीसदी तक घट गया है। वाहनों के बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जाने की बाध्यता की वजह से 18 दिन में ही मंडी बंदी के कगार पर पहुंच गई है।
विज्ञापन

क्रशर कारोबारी रोशन तिवारी, जीतेंद्र पाल, आदित्य मिश्रा, बलवीर सिंह, पप्पू यादव, मुन्नीलाल विश्वकर्मा, अमित तिवारी, नरेश यादव आदि ने बताया कि पहले रोज एक क्रशर प्लांट में 20 ट्रक गिट्टी लेने आते थे। अब छह-सात से ज्यादा नहीं आ रहे हैं। इस वजह से गिट्टी की बिक्री आधे से भी कम हो गई है। यही हाल रहा तो पत्थर व्यापार ठप हो जाएगा।
विज्ञापन

हालांकि, जिला प्रशासन ने घाटमपुर तक ग्रिट परिवहन करने के लिए हाईवे से गुजरने की अनुमति दी है, लेकिन वहां तक महज दस फीसदी ही गिट्टी की बिक्री होती है। कानपुर, लखनऊ, सीतापुर, कन्नौज, गोरखपुर, बस्ती, गोंडा, बहराइच, अयोध्या, बाराबंकी, प्रयागराज, जौनपुर, प्रतापगढ़ व वाराणसी समेत विभिन्न जिलों में गिट्टी पहुंचाने के लिए ट्रकों को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जाना पड़ रहा है। दूरी और परिवहन लागत बढ़ने से कई ट्रक मालिकों ने अपने वाहन खड़े कर दिए हैं, जबकि कुछ अन्य ट्रांसपोर्टर दूसरी मंडियों का रुख कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

---------
आधे से कम रह गया व्यापार
खनन एवं क्रशर उद्योग समिति के अध्यक्ष बाल किशोर द्विवेदी बताते हैं कि वाहनों के रूट डायवर्जन से 18 दिन में ही पत्थर व्यापार आधे से ज्यादा कम हो गया है। समिति का प्रतिनिधिमंडल गृह सचिव संजय प्रसाद से मिला था। उन्होंने जिलाधिकारी महोबा से बात कर घाटमपुर तक हाईवे से ग्रिट परिवहन करने की अनुमति देने की बात कही थी, लेकिन इससे खास राहत नहीं मिली। घाटमपुर तक महज दस प्रतिशत गिट्टी की बिक्री होती है, जबकि 90 फीसदी गिट्टी की सप्लाई दूसरे जिलों में होती है।

----------
अधिक दूरी के साथ 10हजार आ रहा अतिरिक्त खर्च
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष छुट्टन सिंह का कहना है कि हाईवे की जगह एक्सप्रेसवे से गिट्टी परिवहन करने में करीब 10 हजार रुपये प्रति चक्कर अतिरिक्त खर्च आ रहा है। डेढ़ गुना समय भी लगता है। इससे कई ट्रांसपोर्टरों ने अपने ट्रक खड़े कर दिए हैं और कई ट्रांसपोर्टर दूसरी मंडियों में जा रहे हैं। कुछ लोगों ने ट्रकों को बालू परिवहन में लगा दिया है। इससे गिट्टी ले जाने वाले वाहनों की संख्या तेजी से घटी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed