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महोबाः बकाया किस्त जमा न करने पर डीएम ने दो पट्टे निरस्त किए
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महोबा। पहाड़ों की ई-नीलामी के जरिए पट्टे लेकर तिमाही किश्तों का भुगतान न करने पर जिलाधिकारी अवधेश कुमार तिवारी ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए दो खनन पट्टे निरस्त कर दिए। साथ ही आधा दर्जन पट्टा संचालकों के खिलाफ निरस्तीकरण की कार्रवाई के नोटिस भेजे हैं। पट्टे निरस्तीकरण की नोटिस मिलते ही बकाएदारों के होश उड़ गए।
पहाड़ पत्थर मंडी कबरई को सोने की खदान समझकर लोगों ने ई-नीलामी के जरिए ऊंची बोली बोलकर करोड़ों रुपये में पहाड़ दो साल पहले लिए थे। इसकी तिमाही किश्त 25 से 30 लाख रुपये निर्धारित हुई थी, लेकिन पट्टाधारकों ने एक साल तक किश्त नहीं जमा की। फर्म पार्थ ट्रेडर्स मालिक वेदप्रकाश निवासी कानपुर के नाम ग्राम गंज में 1.619 हेक्टेयर का ई-नीलामी का खनन पट्टा था। जिस पर खनिज राजस्व 60.46 लाख, जिला विकास न्यास का 17.31 लाख और आयकर के 3.46 लाख रुपये बकाया थे।
उधर, पहाड़ मालिक शैलेंद्र प्रताप सिंह निवासी बाराबंकी पर ग्राम कबरई में 1.587 हेक्टेयर में ई-नीलामी का खनन पट्टा था। जिस पर 59.4 लाख खनिज राजस्व, 11.26 लाख और डीएमएफ के अलावा टीसीएस का 88 हजार रुपये बकाया था। जिला खनिज अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2018 में ई-नीलामी से लिए गए पहाड़ पट्टों की किश्त जमा नहीं की गई। डीएम ने ऐसे पट्टों की पत्रावलियां तलब की और अक्तूबर 2019 से बकाया ई-नीलामी की किश्तें अदा न होने पर दोनों के पट्टे निरस्त कर दिए।
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पहाड़ पत्थर मंडी कबरई को सोने की खदान समझकर लोगों ने ई-नीलामी के जरिए ऊंची बोली बोलकर करोड़ों रुपये में पहाड़ दो साल पहले लिए थे। इसकी तिमाही किश्त 25 से 30 लाख रुपये निर्धारित हुई थी, लेकिन पट्टाधारकों ने एक साल तक किश्त नहीं जमा की। फर्म पार्थ ट्रेडर्स मालिक वेदप्रकाश निवासी कानपुर के नाम ग्राम गंज में 1.619 हेक्टेयर का ई-नीलामी का खनन पट्टा था। जिस पर खनिज राजस्व 60.46 लाख, जिला विकास न्यास का 17.31 लाख और आयकर के 3.46 लाख रुपये बकाया थे।
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उधर, पहाड़ मालिक शैलेंद्र प्रताप सिंह निवासी बाराबंकी पर ग्राम कबरई में 1.587 हेक्टेयर में ई-नीलामी का खनन पट्टा था। जिस पर 59.4 लाख खनिज राजस्व, 11.26 लाख और डीएमएफ के अलावा टीसीएस का 88 हजार रुपये बकाया था। जिला खनिज अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2018 में ई-नीलामी से लिए गए पहाड़ पट्टों की किश्त जमा नहीं की गई। डीएम ने ऐसे पट्टों की पत्रावलियां तलब की और अक्तूबर 2019 से बकाया ई-नीलामी की किश्तें अदा न होने पर दोनों के पट्टे निरस्त कर दिए।
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