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जिला अस्पताल का बुरा हाल, मरीज बेहाल
अमर उजाला ब्यूरो महोबा।
Updated Thu, 10 Sep 2015 11:44 PM IST
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महोबा। मौसम के बदले मिजाज से जिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ जुट रही है। अस्पताल में अव्यवस्था के चलते मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं भीषड़ गर्मी में बिजली कटौती होने और वार्डों में जनरेटर न चलने से मरीज व तीमारदार गर्मी से बिलबिला रहेे हैं। तीमारदारों द्वारा शिकायत करने पर भी अस्पताल के अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहें हैं।
मौसम के बदले मिजाज से जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या दिन पर दिन बढ़ रही है। गर्मी से वायरल फीवर व डायरिया के साथ-साथ मलेरिया के मरीज भी बढ़े हैं। अस्पताल में अव्यवस्था के चलते मरीज और तीमारदार खासे परेशान है। एक तरफ मरीज वार्डों में चिकित्सकों का घंटों इंतजार करने को मजबूर है। जहां चिकित्सक मनमर्जी से औपचारिकता निभाकर चले जा जाते हैं। खरेला निवासी मोतीलाल, भटीपुरा निवासी सुखलाल, चौसियापुरा निवासी आबिद ने बताया कि जिला अस्पताल में दिखाने के बाद अधिकतर दवाएं बाहर से ही मंगाई जाती है।
वहीं शहर में हो रही बिजली की अधाधुंध कटौती से मरीज बेहाल है। वहीं पिछले सप्ताह अस्पताल में लगा जेनरेटर खराब होने से लाइट जाने पर वार्डों के पंखे बंद रहते हैं। जिससे लाखों खर्च कर खरीदा गया जनरेटर शोपीस बनकर रह गया है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक उदयवीर सिंह का कहना है कि बाहर की कोई दवा नहीं लिखी जाती है, मरीजों को अस्पताल की ही दवा दी जाती है। उन्होंने कहा कि समय समय पर जनरेटर चलाया जाता है।
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मौसम के बदले मिजाज से जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या दिन पर दिन बढ़ रही है। गर्मी से वायरल फीवर व डायरिया के साथ-साथ मलेरिया के मरीज भी बढ़े हैं। अस्पताल में अव्यवस्था के चलते मरीज और तीमारदार खासे परेशान है। एक तरफ मरीज वार्डों में चिकित्सकों का घंटों इंतजार करने को मजबूर है। जहां चिकित्सक मनमर्जी से औपचारिकता निभाकर चले जा जाते हैं। खरेला निवासी मोतीलाल, भटीपुरा निवासी सुखलाल, चौसियापुरा निवासी आबिद ने बताया कि जिला अस्पताल में दिखाने के बाद अधिकतर दवाएं बाहर से ही मंगाई जाती है।
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वहीं शहर में हो रही बिजली की अधाधुंध कटौती से मरीज बेहाल है। वहीं पिछले सप्ताह अस्पताल में लगा जेनरेटर खराब होने से लाइट जाने पर वार्डों के पंखे बंद रहते हैं। जिससे लाखों खर्च कर खरीदा गया जनरेटर शोपीस बनकर रह गया है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक उदयवीर सिंह का कहना है कि बाहर की कोई दवा नहीं लिखी जाती है, मरीजों को अस्पताल की ही दवा दी जाती है। उन्होंने कहा कि समय समय पर जनरेटर चलाया जाता है।
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