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Mahoba News: स्कूली बच्चों को परोसा जाएगा मोटे अनाज से बना व्यंजन
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= एमडीएम में शामिल होगा मोटे अनाज से बने व्यंजन का मैन्यू
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को बेहतर बनाने के लिए मिड-डे-मील (एमडीएम) के तहत दिए जाने वाले भोजन में मोटे अनाज यानी मिलेट्स को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। इसके तहत अब प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रतिदिन का एक नया और संतुलित मैन्यू तैयार किया जाएगा।
इसको लेकर स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने निर्देश जारी किए हैं। मिड-डे-मील के मीनू में संशोधन करते हुए मिलेट्स को शामिल किया जाएगा। स्कूली बच्चों को सप्ताह में तीन दिन भोजन में मोटा अनाज दिया जाएगा। इसमें बाजरे की खिचड़ी के साथ-साथ सोयाबीन व अन्य मिलेट्स से बने स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन शामिल रहेंगे।
बच्चों के स्वाद व पसंद को ध्यान में रखते हुए रसोईया स्तर पर अलग-अलग तरह के व्यंजन तैयार करने की योजना बनाई गई है। मिड-डे मील के लिए आवश्यक मोटे अनाज की खरीद पारदर्शी तरीके से स्थानीय बाजारों से की जाएगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और चिकित्सकों का मानना है कि बाजरा, ज्वार, रागी, मक्का जैसे मोटे अनाज बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए बेहद फायदेमंद साबित होते हैं। इन अनाजों में आयरन, प्रोटीन, कैल्शियम, फाइबर और आवश्यक विटामिन की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। कुपोषण से निपटने व बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में यह आहार बेहद कारगर सिद्ध होगा।
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महोबा। जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को बेहतर बनाने के लिए मिड-डे-मील (एमडीएम) के तहत दिए जाने वाले भोजन में मोटे अनाज यानी मिलेट्स को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। इसके तहत अब प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रतिदिन का एक नया और संतुलित मैन्यू तैयार किया जाएगा।
इसको लेकर स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने निर्देश जारी किए हैं। मिड-डे-मील के मीनू में संशोधन करते हुए मिलेट्स को शामिल किया जाएगा। स्कूली बच्चों को सप्ताह में तीन दिन भोजन में मोटा अनाज दिया जाएगा। इसमें बाजरे की खिचड़ी के साथ-साथ सोयाबीन व अन्य मिलेट्स से बने स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन शामिल रहेंगे।
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बच्चों के स्वाद व पसंद को ध्यान में रखते हुए रसोईया स्तर पर अलग-अलग तरह के व्यंजन तैयार करने की योजना बनाई गई है। मिड-डे मील के लिए आवश्यक मोटे अनाज की खरीद पारदर्शी तरीके से स्थानीय बाजारों से की जाएगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और चिकित्सकों का मानना है कि बाजरा, ज्वार, रागी, मक्का जैसे मोटे अनाज बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए बेहद फायदेमंद साबित होते हैं। इन अनाजों में आयरन, प्रोटीन, कैल्शियम, फाइबर और आवश्यक विटामिन की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। कुपोषण से निपटने व बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में यह आहार बेहद कारगर सिद्ध होगा।
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