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Mahoba News: बरसी आफत, फसलें भीगीं, उम्मीदों पर फिर पानी

Thu, 09 Apr 2026 12:51 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा Updated Thu, 09 Apr 2026 12:51 AM IST
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Disaster struck, crops were drenched, hopes were dashed again.
महोबा। बुंदेलखंड की पठारी धरती पर बुधवार को हुई बारिश ने किसानों की उम्मीदों को पानी में बहा दिया। कर्ज लेकर कड़ी मेहनत से उगाई गई फसल खेतों में ही बर्बाद हो गई। किसान फसल को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं लेकिन फसल बर्बाद होने से अब उन्हें लागत भी निकाल पाना मुश्किल नजर आ रहा है।
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अधिकांश किसानों ने बीज, खाद और सिंचाई के लिए कर्ज लिया था। भीगी हुई फसल का बाजार में सही दाम मिलना मुश्किल है। ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ गई है।
खरेला संवाद के अनुसार तहसील चरखारी के पड़ोरा, गड़ारी, पाठा आदि गांव में सोमवार को हुई ओलावृष्टि और बारिश के बाद बुधवार सुबह नौ बजे फिर हुई बरसात और चली तेज आंधी से सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा की फसलों को तहस-नहस कर दिया। इस क्षेत्र में 40 फीसदी फसल खेतों में कटाई के लिए खड़ी हैं। इससे किसान परेशान हैं।
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महोबकंठ संवाद के अनुसार किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। वहीं बसरिया, टिकरिया, रिछारा, लिलवा, तेलीपहाड़ी आदि गांवों में फसलों को क्षति पहुंची। महोबकंठ के कृष्ण कुमार निरंजन, सुरेश चंद्र पटेल, जगदीश चंद्र पटेल, कृष्ण कुमार अरजरिया, अरविंद गोस्वामी, मोहन अहिरवार के रिहायशी पक्के मकान पर नीम का पेड़ गिरने से मकान क्षतिग्रस्त हो गया। लेखपाल देवेंद्र राजपूत व ग्राम प्रधान ने क्षतिपूर्ति दिलाने का भरोसा दिया।
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कुलपहाड़ संवाद के अनुसार किसान राजेश शर्मा का कहना है कि उन्होंने महंगा बीज खरीद कर गेहूं की बोआई की थी लेकिन लगातार पानी बरसने से लगातार खर्चा बढ़ गया है। अब लागत निकालना मुश्किल नजर आ रहा है।

बेलाताल संवाद के अनुसार जैतपुर, लमौरा, मंगरौल खुर्द, महेबा समेत आसपास के क्षेत्रों में एक घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। किसान रमेश चंद्र राजपूत, बाबूलाल राजपूत, दिलीप, संतोष, धीरज, शिवम, राहुल और देवेंद्र यादव ने बताया कि सुबह हुई बारिश से खेतों में पड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह भीग गई है। इससे फसल की गुणवत्ता पर असर पड़ने का खतरा है। यदि मौसम साफ नहीं हुआ तो गेहूं के दाने काले पड़ सकते हैं, इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। श्रीनगर संवाद के अनुसार फसल सूख नहीं पाती और फिर बारिश हो जाती है। पनवाड़ी संवाद के अनुसार अचानक हुई बारिश से किसानों की खेतो में कटी पड़ी फसल व खड़ी फसलों को नुकसान हुआ। कुछ स्थानों पर किसान फसल पर त्रिपाल पर सुखा रहे है। इससे उन्हें दोगुनी मेहनत करनी पड़ रही है।
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