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मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
अमर उजाला ब्यूरो महोबा।
Updated Fri, 15 Jan 2016 11:59 PM IST
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मकर संक्रांति पर्व पूरे जिले में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मकर संक्रांति के अवसर पर श्रद्धालुओं ने नदियों तालाबों पर स्नान कर अन्न का दान किया। भोर से ही नगर के ऐतिहासिक तालाबों, कुंडों में डुबकी लगाकर मंगल की कामना की। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने गरीबों, असहायों को दान दिया। इस दौरान कई स्थानों पर मेलों का आयोजन किया गया। विजय सागर पक्षी विहार में पूरे दिन लोगों का आना जाना लगा रहा।
मकर संक्रांति पर्व पर नदियों, तालाबों में स्नान करने का विशेष महत्व है। शुक्रवार को भोर से ही नदियों, ऐतिहासिक तालाबों और चंदेल कालीन कुंडों में पहुंचने लगे। पौष मास में जब सूर्य धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करता है, तब यह पर्व मनाया जाता है। त्योहार में बच्चों, युवाओं और महिलाओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। शुभ मुहूर्त में स्नान करने के लिए लोग मदन सागर, कीरत सागर, कल्याण सागर, विजय सागर और रामकुंड में पहुंचकर डुबकी लगाई। जहां दोपहर तक लोग स्नान के लिए आते रहे। विजय सागर पक्षी विहार में लगे मेले में भी लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। यहां आकर लोगों ने जमकर मस्ती की। विजय सागर पक्षी विहार में सारा दिन बच्चें झूलों का आनंद लेते रहे। उधर उर्मिल बांध, टोला तालाब में भी श्रद्धालुओं ने आस्था की ड़ुबकी लगाई।
दस दिवसीय मेले का हुआ शुभारंभ
बेलाताल। मकर संक्रांति पर्व पर लगने वाला दस दिवसीय मेले का शुक्रवार से शुभारंभ हो गया। मेले में पहले दिन ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटी। आस पास के ग्रामीणों ने मेले का जमकर लुत्फ उठाया और खरीददारी की। वहीं बच्चों ने मेले में झूलों का आनंद लिया। मेले में लगाई गई प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही।
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तांबे के लोटे में सूर्यदेव को किया जल अर्पित
मकर संक्रांति पर्व पर श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद मंत्र जप करते हुए तांबे के लोटे से सूर्र्यदेव को जल अर्पित किया। इसके बाद काले तिल और लडडू पर दक्षिणा रखकर गरीबों, असहायों और ब्राम्हणों को दान दिया, इस मौके पर लोगों ने खिचड़ी का भी दान दिया। वहीं बच्चों ने तरह - तरह की पतंगे उड़ाकर आनंद लिया।
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मकर संक्रांति पर्व पर नदियों, तालाबों में स्नान करने का विशेष महत्व है। शुक्रवार को भोर से ही नदियों, ऐतिहासिक तालाबों और चंदेल कालीन कुंडों में पहुंचने लगे। पौष मास में जब सूर्य धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करता है, तब यह पर्व मनाया जाता है। त्योहार में बच्चों, युवाओं और महिलाओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। शुभ मुहूर्त में स्नान करने के लिए लोग मदन सागर, कीरत सागर, कल्याण सागर, विजय सागर और रामकुंड में पहुंचकर डुबकी लगाई। जहां दोपहर तक लोग स्नान के लिए आते रहे। विजय सागर पक्षी विहार में लगे मेले में भी लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। यहां आकर लोगों ने जमकर मस्ती की। विजय सागर पक्षी विहार में सारा दिन बच्चें झूलों का आनंद लेते रहे। उधर उर्मिल बांध, टोला तालाब में भी श्रद्धालुओं ने आस्था की ड़ुबकी लगाई।
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दस दिवसीय मेले का हुआ शुभारंभ
बेलाताल। मकर संक्रांति पर्व पर लगने वाला दस दिवसीय मेले का शुक्रवार से शुभारंभ हो गया। मेले में पहले दिन ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटी। आस पास के ग्रामीणों ने मेले का जमकर लुत्फ उठाया और खरीददारी की। वहीं बच्चों ने मेले में झूलों का आनंद लिया। मेले में लगाई गई प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही।
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तांबे के लोटे में सूर्यदेव को किया जल अर्पित
मकर संक्रांति पर्व पर श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद मंत्र जप करते हुए तांबे के लोटे से सूर्र्यदेव को जल अर्पित किया। इसके बाद काले तिल और लडडू पर दक्षिणा रखकर गरीबों, असहायों और ब्राम्हणों को दान दिया, इस मौके पर लोगों ने खिचड़ी का भी दान दिया। वहीं बच्चों ने तरह - तरह की पतंगे उड़ाकर आनंद लिया।