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राशन सामग्री में कटौती से भड़के ग्रामीणों का प्रदर्शन
अमर उजाला महोबा
Updated Mon, 27 Jun 2016 11:23 PM IST
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तहसील में प्रदर्शन करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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विकासखंड कबरई के ग्राम खरका में कोटेदार की मनमानी से राशन कार्ड धारक परेशान हैं। सोमवार को तीन दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने तहसील पहुंच कर प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि कोटेदार प्रति उपभोक्ता 20 रुपये ले रहा है और अनाज में भी कटौती की जा रही है। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम खरका निवासी लालाभाई, शिवबालक, परदेशी, जवाहरलाल, जयराम, ठाकुरदीन, बाबूलाल, देवीरानी, केसरिया, मुन्नीबाई, गीता, रमाकांती आदि ने उप जिलाधिकारी नंहकू को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि गांव का कोटेदार अपनी मनमानी पर आमादा है। प्रति राशन कार्ड 20 रुपये जमा कराए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि 24 व 25 जून को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पर्यवेक्षक की मौजूदगी में अनाज का वितरण किया गया। जिसमें प्रत्येक उपभोक्ता से 20 रुपये लिए गए। साथ ही पांच किलो राशन सामग्री की कटौती भी की गई।
लोगों ने शिकायत में बताया कि पैसा लेने और राशन सामग्री काटने का विरोध करने पर कोटेदार अभद्रता व अनाज न देने की धमकी देता है। उपभोक्ताओं ने एसडीएम से जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। सूखे को देखते हुए शासन जून माह से उपभोक्ताओं को नि:शुल्क गेहूं व चावल वितरण के निर्देश दिए हैं, लेकिन कोटेदार शासन की मंशा पर पानी फेर रहे है। एसडीएम ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच व कार्रवाई का भरोसा दिया है।
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ग्राम खरका निवासी लालाभाई, शिवबालक, परदेशी, जवाहरलाल, जयराम, ठाकुरदीन, बाबूलाल, देवीरानी, केसरिया, मुन्नीबाई, गीता, रमाकांती आदि ने उप जिलाधिकारी नंहकू को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि गांव का कोटेदार अपनी मनमानी पर आमादा है। प्रति राशन कार्ड 20 रुपये जमा कराए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि 24 व 25 जून को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पर्यवेक्षक की मौजूदगी में अनाज का वितरण किया गया। जिसमें प्रत्येक उपभोक्ता से 20 रुपये लिए गए। साथ ही पांच किलो राशन सामग्री की कटौती भी की गई।
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लोगों ने शिकायत में बताया कि पैसा लेने और राशन सामग्री काटने का विरोध करने पर कोटेदार अभद्रता व अनाज न देने की धमकी देता है। उपभोक्ताओं ने एसडीएम से जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। सूखे को देखते हुए शासन जून माह से उपभोक्ताओं को नि:शुल्क गेहूं व चावल वितरण के निर्देश दिए हैं, लेकिन कोटेदार शासन की मंशा पर पानी फेर रहे है। एसडीएम ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच व कार्रवाई का भरोसा दिया है।
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