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जिले में हुई ओलावृष्टि और बारिश से फसल बर्बाद
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महोबा। ओलावृष्टि और बारिश ने जिले में तबाही मचा दी है। 30 से 50 फीसदी रबी की फसल बर्बाद हो गई। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। फसल बर्बाद हो जाने से किसानों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। किसानों को अब एक बार फिर कर्ज अदायगी की चिंता सताने लगी है। जिले के एक सैकड़ा से ज्यादा गांव में फसल पर ओलों की चादर बिछ गई। जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सुबह ओलावृष्टि के बाद से ही किसान खेतों पर पहुंच गए और फसल को देखकर मायूस हो गए। तहसीलदारों ने लेखपालों को अपने क्षेत्र में फसल के हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए भेज दिया है। अब लेखपाल अपनी रिपोर्ट तहसीलदार को सौंपेेगे।
इस साल रबी की फसल अच्छी होने से किसानों को अच्छी पैदावार होने की उम्मीद थी। किसानों ने दिन-रात खेतों में जागकर अन्ना जानवरों से फसल की रखवाली की। फसल पककर तैयार हो जाने के बाद चंद दिनों बाद कटाई होना थी, लेकिन शुक्रवार की सुबह अचानक हुई ओलावृष्टि और बारिश से रबी की फसल खेतों में गिर गई। इतना ही नहीं मटर की कटी फसल पर ओला और पानी गिरने से फसल काली पड़ गई। इससे किसानों की उम्मीदों पर एक बार फिर पानी फिर गया है। शहर के अलावा शाहपहाड़ी, मौजा भटीपुरा, मिरतला, मामना, मुढ़हरा सहित कई गांव में ओलावृष्टि और बारिश ने तबाही मचाई है।
श्रीनगर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में शुक्रवार को हुई ओलावृष्टि और बारिश से खेतों में खड़ी पकी फसल जमीन में मिल गई है। सालभर मेहनत करने के बाद भी किसान हाथ मलता रह गया। पांच से दस मिनट हुई ओलावृष्टि ने तबाही मचा दी है। श्रीनगर, लुहेढ़ी, कैमाहा, बिलरही, सिजहरी, सलारपुर, बसौरा, ननौरा, उरवारा, भंडरा, बिलखी, चितइयन, ढुड़इयन, इमिलिया, अतरार, पिपरामाफ सहित तमाम गांव की फसल ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई है। इससे किसान खासा परेशान है।
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बारिश से दलहनी फसल पड़ी काली
महोबा। जिले में होली के बाद दलहनी फसलों की कटाई शुरु हो जाती है। खेतों में मसूर, मटर और चने की कटाई चल रही थी। कई गांव में मसूर की फसल कटने के बाद खलिहान पहुंच गई थी। मढ़ाई के इंतजार में रखी दहलनी फसल बारिश और ओलावृष्टि की चपेट में आ गई। जिससे पूरी फसल गीली हो जाने के बाद अब काली पड़ गई है। इससे किसान अब खासा परेशान है।
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इस साल रबी की फसल अच्छी होने से किसानों को अच्छी पैदावार होने की उम्मीद थी। किसानों ने दिन-रात खेतों में जागकर अन्ना जानवरों से फसल की रखवाली की। फसल पककर तैयार हो जाने के बाद चंद दिनों बाद कटाई होना थी, लेकिन शुक्रवार की सुबह अचानक हुई ओलावृष्टि और बारिश से रबी की फसल खेतों में गिर गई। इतना ही नहीं मटर की कटी फसल पर ओला और पानी गिरने से फसल काली पड़ गई। इससे किसानों की उम्मीदों पर एक बार फिर पानी फिर गया है। शहर के अलावा शाहपहाड़ी, मौजा भटीपुरा, मिरतला, मामना, मुढ़हरा सहित कई गांव में ओलावृष्टि और बारिश ने तबाही मचाई है।
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श्रीनगर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में शुक्रवार को हुई ओलावृष्टि और बारिश से खेतों में खड़ी पकी फसल जमीन में मिल गई है। सालभर मेहनत करने के बाद भी किसान हाथ मलता रह गया। पांच से दस मिनट हुई ओलावृष्टि ने तबाही मचा दी है। श्रीनगर, लुहेढ़ी, कैमाहा, बिलरही, सिजहरी, सलारपुर, बसौरा, ननौरा, उरवारा, भंडरा, बिलखी, चितइयन, ढुड़इयन, इमिलिया, अतरार, पिपरामाफ सहित तमाम गांव की फसल ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई है। इससे किसान खासा परेशान है।
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बारिश से दलहनी फसल पड़ी काली
महोबा। जिले में होली के बाद दलहनी फसलों की कटाई शुरु हो जाती है। खेतों में मसूर, मटर और चने की कटाई चल रही थी। कई गांव में मसूर की फसल कटने के बाद खलिहान पहुंच गई थी। मढ़ाई के इंतजार में रखी दहलनी फसल बारिश और ओलावृष्टि की चपेट में आ गई। जिससे पूरी फसल गीली हो जाने के बाद अब काली पड़ गई है। इससे किसान अब खासा परेशान है।