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संक्रामक बीमारी की चपेट में आने से तीन की मौत
महोबा
Updated Sun, 03 Sep 2017 11:14 PM IST
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-इमरजेंसी में मरीज देखते डाक्टर डीके सुल्लेरे
- फोटो : amarujala
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अमर उजाला ब्यूरो
महोबा। जिले में संक्रामक बीमारियां कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। रविवार को एक शिशु समेत तीन ग्रामीणों की संक्रामक बीमारी की चपेट में आने से मौत हो गई। अबतक दो दिनों में पांच लोग संक्रामक बीमारी की चपेट में आने से मौत हो गई है।
दिन में तेज धूप उमस भरी गर्मी और देर रात को ठंडक पड़ने से संक्रामक बीमारियां पांव पसार रहीं है। जिससे जिला अस्पताल के अलावा प्राइवेट अस्पतालों में संक्रामक बीमारियाें से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इतना ही नहीं हर घर में बुखार, उल्टी दस्त, पेटदर्द से पीड़ित मरीज पड़े हैं।
पिछले एक पखवारे से डॉक्टर के हर कक्ष में मरीजों की लंबी लाइनें लग रहीं हैं। मन्नू सिंह 45 पुत्र बालेंद्र सिंह निवासी कबूतरा डेरा रेलवे स्टेशन जैतपुर पिछले एक सप्ताह से उल्टी दस्त से पीड़ित था। जिसे शनिवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया देर रात जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इसी तरह मोनू (2) पुत्र राजकुमार निवासी नयापुरा बेलाताल की भी उल्टी दस्त की चपेट में आने से जिला अस्पताल में मौत हो गई। प्रदीप (52) पुत्र महिपाल ग्राम छानीकला संक्रामक बीमारी की चपेट में आने से जिला अस्पताल में मौत हो गई।
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इंसेट
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरपी मिश्रा ने बताया कि बारिश के मौसम में पानी भी दूषित हो जाता है। इसके सेवन से भी संक्रामक बीमारियां बढ़ जाती हैं। बारिश के मौसम मेें आरओ, उबला हुआ पानी या हैंडपंप का पानी का इस्तेमाल करें। ओआरएस का घोल पिएं। शरीर में पानी की कमी न होने दें।
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महोबा। जिले में संक्रामक बीमारियां कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। रविवार को एक शिशु समेत तीन ग्रामीणों की संक्रामक बीमारी की चपेट में आने से मौत हो गई। अबतक दो दिनों में पांच लोग संक्रामक बीमारी की चपेट में आने से मौत हो गई है।
दिन में तेज धूप उमस भरी गर्मी और देर रात को ठंडक पड़ने से संक्रामक बीमारियां पांव पसार रहीं है। जिससे जिला अस्पताल के अलावा प्राइवेट अस्पतालों में संक्रामक बीमारियाें से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इतना ही नहीं हर घर में बुखार, उल्टी दस्त, पेटदर्द से पीड़ित मरीज पड़े हैं।
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पिछले एक पखवारे से डॉक्टर के हर कक्ष में मरीजों की लंबी लाइनें लग रहीं हैं। मन्नू सिंह 45 पुत्र बालेंद्र सिंह निवासी कबूतरा डेरा रेलवे स्टेशन जैतपुर पिछले एक सप्ताह से उल्टी दस्त से पीड़ित था। जिसे शनिवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया देर रात जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इसी तरह मोनू (2) पुत्र राजकुमार निवासी नयापुरा बेलाताल की भी उल्टी दस्त की चपेट में आने से जिला अस्पताल में मौत हो गई। प्रदीप (52) पुत्र महिपाल ग्राम छानीकला संक्रामक बीमारी की चपेट में आने से जिला अस्पताल में मौत हो गई।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरपी मिश्रा ने बताया कि बारिश के मौसम में पानी भी दूषित हो जाता है। इसके सेवन से भी संक्रामक बीमारियां बढ़ जाती हैं। बारिश के मौसम मेें आरओ, उबला हुआ पानी या हैंडपंप का पानी का इस्तेमाल करें। ओआरएस का घोल पिएं। शरीर में पानी की कमी न होने दें।