{"_id":"58ab229d4f1c1b9954b235a3","slug":"sentenced-to-four-to-10-years-including-the-husband-of-dowry","type":"story","status":"publish","title_hn":"दहेज हत्या में पति समेत चार को10 साल की सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दहेज हत्या में पति समेत चार को10 साल की सजा
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
Updated Mon, 20 Feb 2017 10:38 PM IST
विज्ञापन
court shimla
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एफटीसी 2016) महेंद्र सिंह यादव ने दहेज हत्या के मामले में सास ससुर पति समेत चार लोगों को 10-10 साल की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपियों पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। आरोपियों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया गया।
मध्य प्रदेश के जनपद छतपुर के गांव भगवंतपुरा निवासी सियाबाई पत्नी हरदयाल ने तीन साल पहले अपनी बेटी अनीता की शादी जनपद महोबा के गांच थुरट निवासी उदयभान पुत्र मन्नीलाल के साथ की थी। सियारानी ने बताया कि दहेज में बाइक और 50 हजार रुपये की मांग ससुरालीजनों न6े की थी। मांग पूरी न होने पर 10 मई 2015 को ससुरालीजनों ने अनीता की हत्या कर कुएं में फेंक दिया था। घटना की सूचना मिलने पर मृतका की मां सियारानी ने 11 मई 2015 को मृतका के पति उदयभान, सास पार्वती, ससुर मुन्नीलाल, जेठ चंद्रभान के खिलाफ थाना अजनर में मुकदमा दर्ज कराया था।
सोमवार को न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद पति, सास, ससुर और जेठ को 10-10 साल की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपियों पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। सरकार पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने बताया कि जुर्माना अदा न करने पर आरोपियों को 15-15 दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
विज्ञापन
हत्या के दो अलग-अलग मामलों में अदालत ने तीन आरोपियों की जमानत खारिज कर दी है। कोतवाली क्षेत्र के गांव कालीपहाड़ी में 28 अप्रैल 2016 को 50 रुपये के विवाद में गांव के ही बृजेंद्र पुत्र परसुराम ने जयपाल को उसके दरवाजे पर ही कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी थी। शनिवार को आरोपियों के परिजनों द्वारा अदालत में जमानत डाली गई। जिसे जनपद न्यायाधीश पीयूषचंद्र श्रीवास्तव ने खारिज कर दी। इसी तरह कोतवाली चरखारी के गांव गौरहारी में चार फरवरी 2017 को धरमजीत उर्फ हल्के व इंद्रपाल लोधी ने गांव के ही योगेंद्र की पुरानी रंजिश के चलते कुल्हाड़ियों ने हमला कर हत्या कर दी थी। अदालत ने इन आरापियों की भी जमानत खारिज कर दी। यह जानकारी शासकीय अधिवक्ता इंद्रपाल सिंह ने दी।
विज्ञापन
मध्य प्रदेश के जनपद छतपुर के गांव भगवंतपुरा निवासी सियाबाई पत्नी हरदयाल ने तीन साल पहले अपनी बेटी अनीता की शादी जनपद महोबा के गांच थुरट निवासी उदयभान पुत्र मन्नीलाल के साथ की थी। सियारानी ने बताया कि दहेज में बाइक और 50 हजार रुपये की मांग ससुरालीजनों न6े की थी। मांग पूरी न होने पर 10 मई 2015 को ससुरालीजनों ने अनीता की हत्या कर कुएं में फेंक दिया था। घटना की सूचना मिलने पर मृतका की मां सियारानी ने 11 मई 2015 को मृतका के पति उदयभान, सास पार्वती, ससुर मुन्नीलाल, जेठ चंद्रभान के खिलाफ थाना अजनर में मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन
सोमवार को न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद पति, सास, ससुर और जेठ को 10-10 साल की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपियों पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। सरकार पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने बताया कि जुर्माना अदा न करने पर आरोपियों को 15-15 दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
विज्ञापन
हत्या के दो अलग-अलग मामलों में अदालत ने तीन आरोपियों की जमानत खारिज कर दी है। कोतवाली क्षेत्र के गांव कालीपहाड़ी में 28 अप्रैल 2016 को 50 रुपये के विवाद में गांव के ही बृजेंद्र पुत्र परसुराम ने जयपाल को उसके दरवाजे पर ही कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी थी। शनिवार को आरोपियों के परिजनों द्वारा अदालत में जमानत डाली गई। जिसे जनपद न्यायाधीश पीयूषचंद्र श्रीवास्तव ने खारिज कर दी। इसी तरह कोतवाली चरखारी के गांव गौरहारी में चार फरवरी 2017 को धरमजीत उर्फ हल्के व इंद्रपाल लोधी ने गांव के ही योगेंद्र की पुरानी रंजिश के चलते कुल्हाड़ियों ने हमला कर हत्या कर दी थी। अदालत ने इन आरापियों की भी जमानत खारिज कर दी। यह जानकारी शासकीय अधिवक्ता इंद्रपाल सिंह ने दी।