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घंटा घड़ियालों की आवाज से गूंजे शिवालय
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
Updated Fri, 24 Feb 2017 10:13 PM IST
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द्वादश ज्योर्तिलिंग मंदिर में पूजा करती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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महाशिवरात्रि पर्व शुक्रवार को श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया गया। तड़के सुबह से ही भक्तों की भीड़ शिव मंदिर व शिवालयों में पहुंची। जहां महिलाओं ने दूध, दही, शहद, गंगाजल आदि से भगवान शिव का अभिषेक कर पूजा अर्चना की। पूरे दिन शिवालय घंटा घड़ियालों व हर हर महादेव के जयकारों से गूंजते रहे। सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से मंदिरों के बाहर पुलिस कर्मचारी नजर नहीं आए।
महाशिवरात्रि पर शहर के ऐतिहासिक शिवतांडव मंदिर, द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर, बड़ी चंद्रिका स्थित शिव मंदिर, बलखंडेश्वर मंदिर, करियापठवा स्थित शिव मंदिर, मोहल्ला छिपयाना में स्थित प्राचीन शिव मंदिर के साथ-साथ सभी शिव मंदिरों में भोर से ही भक्तों के पहुंचे का सिलसिला शुरू हो गया।
भक्तों ने श्रद्धा, भक्ति के साथ भगवान भोले बाबा को गंगाजल, दूध, शहद, दही, भांग, धतूरा, बेलपत्र, नारियल आदि चढ़ाकर भगवान से खुशहाल जीवन की कामना की। शिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ की भक्ति का अधिक महत्व है। मान्यता है कि इस दिन भगवान की पूजा, वंदना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। यही वजह है कि महिलाएं और युवतियां व्रत रख पूरे दिन भगवान शिव की आराधना करती है। कुछ शिव मंदिरों में ठंडाई की भी व्यवस्था की गई थी।
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महाशिवरात्रि पर्व पर दोपहर बाद शहर के करियापठवा व पान मंडी से भव्य शिव बारात निकाली गई। विभिन्न वेश भूषा में बाराती बनकर चल रहे भक्त आकर्षण का केंद्र रहे। ढोल नगाड़ों के बीच अश्व नृत्य व आकर्षक झांकियाें ने सभी का मन मोह लिया। शिव बारात शहर के सुभाष चौक, ऊदल चौक, आल्हा चौक, तहसील चौराहा, मुख्य बाजार आदि होकर गुजरी। जगह-जगह भक्तों ने भगवान शिव की पूजा अर्चना व आरती की। शिव बारात में शामिल होने को भक्तों में खासा उत्साह दिखाई दिया।
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महाशिवरात्रि पर शहर के ऐतिहासिक शिवतांडव मंदिर, द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर, बड़ी चंद्रिका स्थित शिव मंदिर, बलखंडेश्वर मंदिर, करियापठवा स्थित शिव मंदिर, मोहल्ला छिपयाना में स्थित प्राचीन शिव मंदिर के साथ-साथ सभी शिव मंदिरों में भोर से ही भक्तों के पहुंचे का सिलसिला शुरू हो गया।
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भक्तों ने श्रद्धा, भक्ति के साथ भगवान भोले बाबा को गंगाजल, दूध, शहद, दही, भांग, धतूरा, बेलपत्र, नारियल आदि चढ़ाकर भगवान से खुशहाल जीवन की कामना की। शिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ की भक्ति का अधिक महत्व है। मान्यता है कि इस दिन भगवान की पूजा, वंदना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। यही वजह है कि महिलाएं और युवतियां व्रत रख पूरे दिन भगवान शिव की आराधना करती है। कुछ शिव मंदिरों में ठंडाई की भी व्यवस्था की गई थी।
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महाशिवरात्रि पर्व पर दोपहर बाद शहर के करियापठवा व पान मंडी से भव्य शिव बारात निकाली गई। विभिन्न वेश भूषा में बाराती बनकर चल रहे भक्त आकर्षण का केंद्र रहे। ढोल नगाड़ों के बीच अश्व नृत्य व आकर्षक झांकियाें ने सभी का मन मोह लिया। शिव बारात शहर के सुभाष चौक, ऊदल चौक, आल्हा चौक, तहसील चौराहा, मुख्य बाजार आदि होकर गुजरी। जगह-जगह भक्तों ने भगवान शिव की पूजा अर्चना व आरती की। शिव बारात में शामिल होने को भक्तों में खासा उत्साह दिखाई दिया।