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कर्ज में डूबे किसान की सदमे से मौत
mahoba
Updated Sat, 09 Dec 2017 10:51 PM IST
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खरेला (महोबा)।
थाना खरेला के ग्राम बराय में सूखे के चलते रबी फसल की बुआई न हो पाने से परेशान किसान की सदमे से मौत हो गई। मृतक किसान को कर्ज अदायगी व परिवार के भरण पोषण की चिंता सता रही थी।
घटना की सूचना तहसील प्रशासन को दी गई है। प्रशासन ने मौत का कारण स्पष्ट होने पर मुआवजे का आश्वासन दिया है।
ग्राम बरायं निवासी रामरतन (40) पुत्र राजाराम कुशवाहा के पास छह बीघा भूमि थी।
जिसमें खेती करके वह परिवार का भरण पोषण करता था। इधर खरीफ फसल बर्बाद होने के बाद सूखे के चलते रबी फसल की बुआई नहीं कर सका था। शनिवार की सुबह राम रतन घर पर था तभी उसे अचानक सदमा लगा और जमीन पर गिर गया। गंभीर हालत में परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक के पिता राजाराम ने बताया कि फसल की पैदावार न होने से करीब 50 हजार रुपये साहूकारों से कर्ज भी ले रखा था। जिसकी अदायगी की चिंता उसे सता रही थी।
खरीफ फसल बर्बाद हो जाने और रबी की बुआई न होने से साल भर के भरण पोषण को लेकर परेशान था। पिता ने बताया कि खेती में सही उपज न होने से उसके दो पुत्र मनमोहन व प्रकाश दिल्ली में मेहनत मजदूरी करते है।
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मृतक के एक पुत्र व एक पुत्री है। मामले में तहसीलदार चरखारी सुबोध मणि का कहना है कि घटना की जानकारी मिली है। लेखपाल और कानूनगों को मौके पर भेजा जा रहा है। यदि सदमे से किसान की मौत र्हुई तो सरकारी मदद मिलेगी।
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थाना खरेला के ग्राम बराय में सूखे के चलते रबी फसल की बुआई न हो पाने से परेशान किसान की सदमे से मौत हो गई। मृतक किसान को कर्ज अदायगी व परिवार के भरण पोषण की चिंता सता रही थी।
घटना की सूचना तहसील प्रशासन को दी गई है। प्रशासन ने मौत का कारण स्पष्ट होने पर मुआवजे का आश्वासन दिया है।
ग्राम बरायं निवासी रामरतन (40) पुत्र राजाराम कुशवाहा के पास छह बीघा भूमि थी।
जिसमें खेती करके वह परिवार का भरण पोषण करता था। इधर खरीफ फसल बर्बाद होने के बाद सूखे के चलते रबी फसल की बुआई नहीं कर सका था। शनिवार की सुबह राम रतन घर पर था तभी उसे अचानक सदमा लगा और जमीन पर गिर गया। गंभीर हालत में परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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मृतक के पिता राजाराम ने बताया कि फसल की पैदावार न होने से करीब 50 हजार रुपये साहूकारों से कर्ज भी ले रखा था। जिसकी अदायगी की चिंता उसे सता रही थी।
खरीफ फसल बर्बाद हो जाने और रबी की बुआई न होने से साल भर के भरण पोषण को लेकर परेशान था। पिता ने बताया कि खेती में सही उपज न होने से उसके दो पुत्र मनमोहन व प्रकाश दिल्ली में मेहनत मजदूरी करते है।
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मृतक के एक पुत्र व एक पुत्री है। मामले में तहसीलदार चरखारी सुबोध मणि का कहना है कि घटना की जानकारी मिली है। लेखपाल और कानूनगों को मौके पर भेजा जा रहा है। यदि सदमे से किसान की मौत र्हुई तो सरकारी मदद मिलेगी।