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पारिवारिक कलह बनी युवक की हत्या की वजह
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महोबा। जिला अस्पताल में तैनात पिता-पुत्र के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। रविवार को भी घर पर पिता-पुत्र के बीच विवाद होने पर बेटा नाराज होकर जिला अस्पताल के आईसीयू कक्ष में लेट गया। इसके बाद पिता आईसीयू कक्ष में पहुंच गया और दोनों में विवाद हो गया। जिससे बेटा भड़क गया और उसने पिता की पिटाई कर दी। इससे आहत होकर पिता ने बेटे पर जानलेवा हमलाकर दिया। जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के 30 घंटे बाद भी परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है।
पिता-पुत्र के बीच आए दिन विवाद होने से परिवार में कलह बनी हुई थी। बेटा राहुल सोनी, पिता राजेश सोनी से अक्सर नाराज रहता था और पिता के कुछ कहने पर भड़क जाता था। जिससे दोनों के बीच आए दिन घर पर लड़ाई झगड़ा होता था। रविवार को भी घर का झगड़ा जिला अस्पताल तक पहुंच गया और आईसीयू कक्ष में पिता-पुत्र के झगड़े में बेटे की जान चली गई।
गौरतलब है कि जिला अस्पताल में बिना भर्ती पर्चे के लोग अक्सर लेट जाते हैं। कुछ लोग आईसीयू कक्ष में लेटकर एसी का मजा लेते हैं। राहुल भी रविवार को घर में झगड़े के बाद आईसीयू के एसी कक्ष में लेट गया लेकिन किसी ने भी न तो उसे लेटने से रोका और न ही आपत्ति जताई। यदि जिला अस्पताल प्रशासन उसे आईसीयू कक्ष से बिना पर्चे के लेटने पर भगा देता तो घटना को टाला जा सकता था। कौन अस्पताल में भर्ती और कौन अस्पताल में बिना पर्चे के लेटा है इसकी भी कोई चेकिंग नहीं की जाती है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. उदयवीर सिंह का कहना है कि जिला अस्पताल में बिना भर्ती पर्चे के कोई नहीं लेटता है यदि कोई लेटा पाया गया तो कार्रवाई होगी।
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पिता-पुत्र के बीच आए दिन विवाद होने से परिवार में कलह बनी हुई थी। बेटा राहुल सोनी, पिता राजेश सोनी से अक्सर नाराज रहता था और पिता के कुछ कहने पर भड़क जाता था। जिससे दोनों के बीच आए दिन घर पर लड़ाई झगड़ा होता था। रविवार को भी घर का झगड़ा जिला अस्पताल तक पहुंच गया और आईसीयू कक्ष में पिता-पुत्र के झगड़े में बेटे की जान चली गई।
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गौरतलब है कि जिला अस्पताल में बिना भर्ती पर्चे के लोग अक्सर लेट जाते हैं। कुछ लोग आईसीयू कक्ष में लेटकर एसी का मजा लेते हैं। राहुल भी रविवार को घर में झगड़े के बाद आईसीयू के एसी कक्ष में लेट गया लेकिन किसी ने भी न तो उसे लेटने से रोका और न ही आपत्ति जताई। यदि जिला अस्पताल प्रशासन उसे आईसीयू कक्ष से बिना पर्चे के लेटने पर भगा देता तो घटना को टाला जा सकता था। कौन अस्पताल में भर्ती और कौन अस्पताल में बिना पर्चे के लेटा है इसकी भी कोई चेकिंग नहीं की जाती है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. उदयवीर सिंह का कहना है कि जिला अस्पताल में बिना भर्ती पर्चे के कोई नहीं लेटता है यदि कोई लेटा पाया गया तो कार्रवाई होगी।
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