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Mathura News: जिस वर्दी की शान के लिए मांगी थी पिस्टल... उसी से हो गई लाल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 04 Sep 2026 01:30 AM IST
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The very uniform for whose honor the pistol was sought... ended up stained red by it.
पुलिसकर्मी की ताई सास को सांत्वना देती महिला पुलिसकर्मी। 
मथुरा। वर्दी की जिस शान के लिए पंकज बेहद गंभीर रहते थे, बृहस्पतिवार को वह उनके अपने ही खून से लाल हो गई। एक दिन पहले ही उन्होंने यह कहते हुए अपनी सरकारी पिस्टल ली थी कि बिना पिस्टल के भला कैसी वर्दी। उसी पिस्टल से उन्होंने अपनी जान देकर पीछे कई सवाल छोड़ दिए।
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पंकज एक साल पहले ही स्थानांतरित होकर रामपुर से मथुरा आए थे। मूलरूप से एटा निवासी पंकज के पिता राजवीर सिंह अमीन पद से सेवानिवृत हो चुके हैं। उनके दो भाई संजय और अनिल गांव में ही रहते हैं। पंकज सबसे छोटे थे। परिवार में उनका बेहद स्नेह एवं प्रेम था। वह दामोदर पुरा के दाऊजीपुरा में किराए पर रह रहे थे। कान्हा की यह नगरी उन्हें इतनी रास आई कि उन्होंने यहीं पर एक प्लाॅट खरीदा और पति-पत्नी दोनों मकान का निर्माण करा रहे थे। वह मथुरा को ही अपना स्थाई ठिकाना बनाना चाहते थे। साथ ही वर्दी को लेकर भी वह बड़े गंभीर थे और बेहद अनुशासित। उनके साथी अक्सर उन्हें कहते थे, कहां कार्यालय में अटैच हो। अब फील्ड में अपनी तैनाती करा लाे, लेकिन वह मुस्कुरा कर कहते थे कि सभी जगह काम करना चाहिए। परिवार के विवाद भी सहकर्मियों को कोई भनक तक नहीं थी। इस घटना के बाद हर कोई स्तब्ध है।
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जीवा के बारे में सोचते तो ये कदम न उठाते
घटना की जानकारी मिलने के बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे पंकज के पिता राजवीर शव देखते ही बिलख पड़े। बोले पंकज बेटी जीवा के बारे में सोच लेते तो ये आत्मघाती कदम न उठाते...तुमने उसकी नैया बीच मजधार में ही छोड़ दी। मां भी फफक-फफक कर रो रही थी।
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बेटे को याद करते हुए पिता की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। बेटे की मौत का सदमा मां भी नहीं सह पा रही थीं। कभी वह बेटे को पुकारतीं तो कभी खामोश होकर शव की ओर निहारती रहतीं। मां और पिता दोनों की जुबां पर पंकज का नाम था। उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि उनका बेटा अब हमेशा के लिए दुनिया छोड़ चुका है। पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद परिचितों और सहकर्मियों को भी झकझोर दिया। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया। शव घर पहुंचते ही परिवार में एक बार फिर चीख-पुकार मच गई।
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इससे पहले रामपुर में तैनात थे पंकज
प्रबल प्रताप ने बताया है कि 2019 में उनकी बहन दीप्ति की शादी पंकज से हुई थी। लगभग सालभर पहले ही पंकज को मथुरा में तैनाती मिली है। इससे पहले वह रामपुर में तैनात थे। पिता राजवीर सिंह अमीन से रिटायर्ड हैं। दो भाई संजय और अनिल हैं, जो पिलुआ के भोजपुर गांव में रहते हैं। सबसे छोटे पंकज थे।

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पिस्टल कर रही है शक पैदा
शव के पास पड़ी उनकी पिस्टल कई सवाल खड़े कर रही है। वह काॅक्ड एंड लाॅक्ड स्थिति में मिली है। उसकी ऊपरी स्लाइड पीछे की ओर खिंची और रुकी हुई मिली। ऐसा तब होता है जब पिस्टल की मैग्जीन खाली हो जाती है या जब स्लाइड को जानबूझकर लाॅक कर दिया जाता है। आम ताैर पर किसी हथियार को साफ करते समय, खाली जांचते समय यह स्थिति होती है। यह जांचा जाता है कि चैंबर खाली है। खुद को गोली मारने के बाद पिस्टल का इस तरह लाॅक मिलना संदेह पैदा कर रहा है। हालांकि माैके से एक खोखा बरामद हुआ है और मैग्जीन में भी कारतूस मिला है।
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