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कर्ज से परेशान महिला किसान ने फांसी लगाकर दी जान
Updated Mon, 12 Jun 2017 09:07 PM IST
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कर्ज से परेशान महिला किसान ने फांसी लगाकर दी जान
अजनर।
बैंक के कर्ज की अदायगी न हो पाने और पति के साहूकारों से लिए गए कर्ज से परेशान महिला किसान ने सोमवार को बरामदे में लठ्ठे से फांसी लगाकर जान दे दी। उसके ऊपर इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक का दो लाख और पति पर साहूकारों का तीन लाख का कर्ज था।
स्यावन गांव निवासी रामश्री (45) पत्नी चंद्रभान के पास 16 बीघा जमीन है। महिला किसान ने एक साल पहले इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक अजनर से किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए 1.85 लाख रुपये कर्ज लिया था। जो बढ़कर दो लाख से ज्यादा हो गया था।
पति ने छह माह पहले भवन निर्माण और बेटे की शादी के लिए तीन लाख रुपये साहूकारों से कर्ज लिया था। इस साल फसल की अच्छी पैदावार नहीं हो सकी। इससे महिला किसान और उसका पति कर्ज की अदायगी को लेकर खासा परेशान हो गए।
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इसी से क्षुब्ध होकर महिला किसान फांसी पर झूल गई। ब्याज माफ करने की बात पर कोई तहरीर नहीं दी गई। मृतका के पति चंद्रभान ने बताया कि पिछले तीन दिनों से रामश्री कर्ज अदायगी को लेकर खासी चिंतित थी। इसी वजह से उसने फांसी लगा ली।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के प्रबंधक अनुराग चतुर्वेदी का कहना है कि महिला के नाम 16 बीघा जमीन थी इससे वह लघु सीमांत किसान की श्रेणी में नहीं आती है, जिससे उसका कर्ज माफ नहंी हो सका। बैंक मैनेजर का कहना है कि कर्ज अदायगी को लेकर उसे कोई नोटिस नहीं दिया गया था।
- महिला पर दो लाख और पति के ऊपर था तीन लाख का कर्ज
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अजनर।
बैंक के कर्ज की अदायगी न हो पाने और पति के साहूकारों से लिए गए कर्ज से परेशान महिला किसान ने सोमवार को बरामदे में लठ्ठे से फांसी लगाकर जान दे दी। उसके ऊपर इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक का दो लाख और पति पर साहूकारों का तीन लाख का कर्ज था।
स्यावन गांव निवासी रामश्री (45) पत्नी चंद्रभान के पास 16 बीघा जमीन है। महिला किसान ने एक साल पहले इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक अजनर से किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए 1.85 लाख रुपये कर्ज लिया था। जो बढ़कर दो लाख से ज्यादा हो गया था।
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पति ने छह माह पहले भवन निर्माण और बेटे की शादी के लिए तीन लाख रुपये साहूकारों से कर्ज लिया था। इस साल फसल की अच्छी पैदावार नहीं हो सकी। इससे महिला किसान और उसका पति कर्ज की अदायगी को लेकर खासा परेशान हो गए।
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इसी से क्षुब्ध होकर महिला किसान फांसी पर झूल गई। ब्याज माफ करने की बात पर कोई तहरीर नहीं दी गई। मृतका के पति चंद्रभान ने बताया कि पिछले तीन दिनों से रामश्री कर्ज अदायगी को लेकर खासी चिंतित थी। इसी वजह से उसने फांसी लगा ली।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के प्रबंधक अनुराग चतुर्वेदी का कहना है कि महिला के नाम 16 बीघा जमीन थी इससे वह लघु सीमांत किसान की श्रेणी में नहीं आती है, जिससे उसका कर्ज माफ नहंी हो सका। बैंक मैनेजर का कहना है कि कर्ज अदायगी को लेकर उसे कोई नोटिस नहीं दिया गया था।
- महिला पर दो लाख और पति के ऊपर था तीन लाख का कर्ज