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पत्नी के मायके से न आने पर फांसी लगाई
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चरखारी (महोबा)। कस्बा चरखारी में लड़ाई-झगड़ा के बाद पत्नी के मायके से न लौटने पर परेशान पति ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।
कस्बा चरखारी के रामनगर निवासी भगत सिंह (30) का पत्नी नेहा से अक्सर विवाद होता था। दो वर्ष पहले नेहा मासूम बेटी को लेकर मायके चली गई थी। कई बार बुलाने के बाद वह ससुराल नहीं आई। दोनों पक्षों के बीच पंचायतें चलीं और एक बार समझौता भी हुआ लेकिन पत्नी के न आने से युवक परेशान रहने लगा। शुक्रवार की रात भगत सिंह ने मकान के कमरे में पंखे के छल्ले से फांसी लगा ली। जिससे उसकी मौत हो गई। शनिवार की सुबह परिजनों को जानकारी हुई।
पुलिस से शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक के पिता राजाराम अहिरवार ने बताया कि घर में विवाद होने पर बहू मायके चली गई थी। दोनों के बीच समझौता भी हो गया था। भगत सिंह ईंट-भट्ठा में श्रमिकों को लाने ले जाने का काम करता था। उधर कोतवाल शशिकुमार पांडेय का कहना है कि घटना की जांच कराई जा रही है। परिजनों ने किसी तरह के कोई आरोप नहीं लगाए हैं और न ही तहरीर दी है।
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कस्बा चरखारी के रामनगर निवासी भगत सिंह (30) का पत्नी नेहा से अक्सर विवाद होता था। दो वर्ष पहले नेहा मासूम बेटी को लेकर मायके चली गई थी। कई बार बुलाने के बाद वह ससुराल नहीं आई। दोनों पक्षों के बीच पंचायतें चलीं और एक बार समझौता भी हुआ लेकिन पत्नी के न आने से युवक परेशान रहने लगा। शुक्रवार की रात भगत सिंह ने मकान के कमरे में पंखे के छल्ले से फांसी लगा ली। जिससे उसकी मौत हो गई। शनिवार की सुबह परिजनों को जानकारी हुई।
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पुलिस से शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक के पिता राजाराम अहिरवार ने बताया कि घर में विवाद होने पर बहू मायके चली गई थी। दोनों के बीच समझौता भी हो गया था। भगत सिंह ईंट-भट्ठा में श्रमिकों को लाने ले जाने का काम करता था। उधर कोतवाल शशिकुमार पांडेय का कहना है कि घटना की जांच कराई जा रही है। परिजनों ने किसी तरह के कोई आरोप नहीं लगाए हैं और न ही तहरीर दी है।
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