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पत्नी को जलाकर मारने के प्रयास में पति को सात साल की सजा

Thu, 22 Oct 2020 10:41 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 22 Oct 2020 10:41 PM IST
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महोबा। अपर जिला सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट (एफटीसी) निर्दोष कुमार ने पत्नी को जलाकर मारने के प्रयास में पति को सात की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत ने अभियुक्त को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया है। जनपद झांसी के मोहल्ला खाती बाबा निवासी राजबहादुर ने अपनी बेटी चांदनी की शादी 2006 में थाना खन्ना के ग्राम बन्नी निवासी अरविंद पुत्र लल्ला भइया के साथ की थी। 24 जनवरी 2017 को उसके पति अरविंद की दुर्घटना में मौत हो गई। इसके बाद चांदनी अपने देवर राघवेंद्र सिंह के साथ रहने लगी।
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शादी के बाद से राघवेंद्र पत्नी के चरित्र पर शक करके मारपीट करता था। 18 अगस्त 2017 को सुबह 10 बजे चांदनी दुकान पर थी। तभी उसका राघवेंद्र गाली-गलौज करते हुए घर ले गया और उसके ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। बाद में उसका बांदा के सरकारी अस्पताल में इलाज कराया। 15 दिन बाद उसके मायके वालों को सूचना मिली। घरवालों के साथ पहुंचकर चांदनी ने थाना खन्ना में उस पर दहेज उत्पीड़न, जान से मारने का प्रयास और गाली-गलौज का मुकदमा दर्ज कराया था। अपर जिला जज निर्दोष कुमार ने गुरुवार को दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद पति राघवेंद्र सिंह को जलाकर मारने के प्रयास और दहेज उत्पीड़न का दोषी ठहराते हुए उसे सात साल की सजा सुनाई। शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह राजपूत ने करते हुए बताया कि अदालत ने अभियुक्त पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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रंगदारी मांगने पर दो भाइयों समेत तीन को सजा महोबा। अपर जिला सत्र न्यायाधीश रमाकांत प्रसाद ने रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने पर दो सगे भाइयों समेत तीन लोगों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही तीन-तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश सिंह ने बताया कि कोतवाली चरखारी के ग्राम रोशनपुरा निवासी चिल्लू, अजय पाल पुत्रगण खूबचंद्र और कैलाश 18 सितंबर 2016 को गांव के ही जगदीश दीक्षित के घर पहुंचे। जहां पर उसके चाचा रामनारायण से जगदीश को पूछा।
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साथ ही 50 हजार रुपये की रंगदारी मांगी। न देने पर जगदीश को जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। घटना की रिपोर्ट जगदीश के चाचा रामनारायण ने चिल्लू, अजय पाल और कैलाश के खिलाफ 18 सितंबर 2016 को दर्ज कराई थी। अदालत ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान चिल्लू, अजय पाल व कैलाश को दोषी ठहराते हुए तीन-तीन साल की सजा सुनाई।
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