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दरोगा व सिपाही की जमानत याचिका पर बढ़ी तारीख
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कबरई (महोबा)। कबरई के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी मौत के मामले में आरोपी तत्कालीन थानाध्यक्ष कबरई देवेंद्र शुक्ला व सिपाही अरुण यादव की जमानत याचिका पर गुरुवार को भी सुनवाई नहीं हो सकी। इससे तारीख सातवीं बार बढ़ा दी गई। उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए अभी अगली तिथि निर्धारित नहीं की है।
गौरतलब है कि क्रशर करोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को सोशल मीडिया में वीडियो वायरल कर तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। अगले दिन आठ सितंबर को वह अपनी गाड़ी में गोली लगने से घायल मिले थे। 13 सितंबर को उनकी मौत हो गई थी। इस मामले की जांच एसआईटी ने की। जिसके बाद तत्कालीन एसपी, तत्कालीन थानाध्यक्ष कबरई, सिपाही, कारोबारी सुरेश व बृह्मदत्त के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने व भ्रष्टाचार मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने तत्कालीन दरोगा, सिपाही व दोनों कारोबारियों को गिरफ्तार जेल भेज दिया जबकि मुख्य आरोपी एक लाख के इनामी आईपीएस मणिलाल पाटीदार को पुलिस 14 माह बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी।
गुरुवार को उच्च न्यायालय इलाहाबाद में तत्कालीन थानाध्यक्ष व सिपाही की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। इससे पहले छह बार जमानत याचिका पर सुनवाई की तारीख बढ़ चुकी है। पीड़ित पक्ष के सीनियर अधिवक्ता आईके चतुर्वेदी ने बताया कि सुनवाई की अगली तारीख अभी निर्धारित नहीं हुई है।
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गौरतलब है कि क्रशर करोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को सोशल मीडिया में वीडियो वायरल कर तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। अगले दिन आठ सितंबर को वह अपनी गाड़ी में गोली लगने से घायल मिले थे। 13 सितंबर को उनकी मौत हो गई थी। इस मामले की जांच एसआईटी ने की। जिसके बाद तत्कालीन एसपी, तत्कालीन थानाध्यक्ष कबरई, सिपाही, कारोबारी सुरेश व बृह्मदत्त के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने व भ्रष्टाचार मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने तत्कालीन दरोगा, सिपाही व दोनों कारोबारियों को गिरफ्तार जेल भेज दिया जबकि मुख्य आरोपी एक लाख के इनामी आईपीएस मणिलाल पाटीदार को पुलिस 14 माह बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी।
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गुरुवार को उच्च न्यायालय इलाहाबाद में तत्कालीन थानाध्यक्ष व सिपाही की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। इससे पहले छह बार जमानत याचिका पर सुनवाई की तारीख बढ़ चुकी है। पीड़ित पक्ष के सीनियर अधिवक्ता आईके चतुर्वेदी ने बताया कि सुनवाई की अगली तारीख अभी निर्धारित नहीं हुई है।
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