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Mahoba News: करवाचाैथ में खाद की फिक्र... भूखे-प्यासे ही लाइन में लगीं महिलाएं
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बेलाताल (महोबा)। खेतों में बोआई के लिए डीएपी की जरूरत और खाद की किल्लत ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बृहस्पतिवार को जैतपुर में डीएपी लेने के लिए दो हजार से अधिक किसान पहुंच गए। बड़ी संख्या में महिलाएं भी करवाचौथ का व्रत रखकर सुबह से ही खाद के लिए कतार में लगी रहीं। सुबह चार बजे से टोकन के इंतजार में खड़े किसानों में से करीब एक हजार को ही खाद मिल सकी जबकि सैकड़ों किसानों को बैरंग लौटना पड़ा। इससे किसानों में नाराजगी आई। बेलासागर के निकट सिंचाई विभाग के सर्किट हाउस में टोकन वितरित किए गए। वहीं जैतपुर बाईपास रोड स्थित निजी संस्था से भी किसानों को टोकन दिए गए। भीड़ अधिक होने के कारण टोकन लेने के लिए किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ा। कई किसान घंटों कतार में खड़े रहे लेकिन उनका नंबर आने से पहले ही टोकन खत्म हो गए। खाद की सीमित उपलब्धता और वितरण व्यवस्था के बीच जरूरतमंद किसानों को परेशानी उठानी पड़ी।
द्रौपदी, आशा, रामदेवी, सुनीता, माया, कपूरी ने बताया कि खाद की जरूरत के चलते व्रत होने के बावजूद सुबह से लाइन में लगना पड़ा। घंटों इंतजार के बाद खाद मिलने की उम्मीद में महिलाएं परेशान होती रहीं। उनका कहना था कि समय पर खाद नहीं मिली तो बोआई का काम प्रभावित होगा। त्योहार के दिन भी खेती की चिंता के कारण उन्हें घर से निकलना पड़ा।
जैतपुर के पीसीएफ प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि पीसीएफ की ओर से 900 टोकन बांटे गए। इनमें 195 महिलाओं व 705 पुरुषों के टोकन शामिल हैं। इसके अलावा जैतपुर बाईपास रोड स्थित निजी संस्था के 150 टोकन वितरित किए गए। पीसीएफ से 1,800 बोरी और निजी संस्था से 350 बोरी डीएपी का वितरण किया गया। किसानों को जमीन के रकबे के अनुसार एक से दो बोरी खाद दी गई।
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द्रौपदी, आशा, रामदेवी, सुनीता, माया, कपूरी ने बताया कि खाद की जरूरत के चलते व्रत होने के बावजूद सुबह से लाइन में लगना पड़ा। घंटों इंतजार के बाद खाद मिलने की उम्मीद में महिलाएं परेशान होती रहीं। उनका कहना था कि समय पर खाद नहीं मिली तो बोआई का काम प्रभावित होगा। त्योहार के दिन भी खेती की चिंता के कारण उन्हें घर से निकलना पड़ा।
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जैतपुर के पीसीएफ प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि पीसीएफ की ओर से 900 टोकन बांटे गए। इनमें 195 महिलाओं व 705 पुरुषों के टोकन शामिल हैं। इसके अलावा जैतपुर बाईपास रोड स्थित निजी संस्था के 150 टोकन वितरित किए गए। पीसीएफ से 1,800 बोरी और निजी संस्था से 350 बोरी डीएपी का वितरण किया गया। किसानों को जमीन के रकबे के अनुसार एक से दो बोरी खाद दी गई।
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