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Mahoba News: बादलों की दस्तक व तेज हवाओं से बढ़ी किसानों की चिंता
Sat, 21 Feb 2026 12:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sat, 21 Feb 2026 12:01 AM IST
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महोबा/कुलपहाड़। जनपद में मौसम का मिजाज बदलते ही किसानों की चिंता बढ़ गई है। शुक्रवार को आसमान में घने बादल छाए रहे और तेज हवाएं चलती रहीं। किसानों का कहना है कि यदि बारिश हुई तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस समय मटर की फसल पककर तैयार हो गई है। जिसे मड़ाई के लिए एकत्र किया जा रहा है। ऐसे में यदि बारिश हुई तो फसल भींगकर बर्बाद हो जाएगी।
बुंदेलखंड की पठारी धरती पर बृहस्पतिवार को अचानक मौसम में परिवर्तन हुआ। सुबह के समय हल्की बारिश के बाद पूरे दिन आसपास पर बादल छाए रहे थे। शुक्रवार को भी पूरे दिन तेज हवाएं चलने के साथ आसमान पर बादलों की आवाजाही होती रही। इस दौरान मौसम का अधिकतम तापमान 27 डिग्री जबकि न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता 43 फीसदी और हवाओं की रफ्तार 14 किमी प्रतिघंटा दर्ज की गई। जनपद में इस वर्ष रबी सीजन में 2.18 लाख हेक्टेयर में गेहूं, चना, मटर, सरसों आदि की फसल बोई गई है। मटर की फसल पक गई है जबकि अन्य फसलें तैयार हो रही हैं। ऐसे में अचानक मौसम खराब होने से किसान चिंता में हैं। किसानों ने दवा, खाद और बीज पर हजारों रुपये खर्च कर दलहनी फसल तैयार की लेकिन अब मौसम की मार का डर सता रहा है। किसानों का कहना है कि यदि बारिश हुई तो फसल खराब हो सकती है। तेज हवा से गेहूं की फसल गिरने की आशंका भी बढ़ गई है। गेहूं की बाली में फूल आ चुका है। उधर, जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश सिंह का कहना है कि फिलहाल मौसम से फसलों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है। यदि बारिश होती है या तेज हवा चलती है तो फसलों को नुकसान हो सकता है।
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किसानों ने बयां किया दर्द
कुलपहाड़ के किसान बबलू कुशवाहा कहना है कि कड़ी मेहनत कर फसल तैयार की है। फसल तैयार करने में बीज व खाद की व्यवस्था मुश्किल से हुई। मौसम का मिजाज बदल रहा है। इससे फसल प्रभावित हो सकती है।
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कुलपहाड़ के किसान अरिमर्दन यादव कहते हैं कि फसल अब लगभग तैयार है। मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। यदि बारिश हुई तो फसल प्रभावित होगी। इससे फसल की लागत निकालना मुश्किल होगा।
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बुंदेलखंड की पठारी धरती पर बृहस्पतिवार को अचानक मौसम में परिवर्तन हुआ। सुबह के समय हल्की बारिश के बाद पूरे दिन आसपास पर बादल छाए रहे थे। शुक्रवार को भी पूरे दिन तेज हवाएं चलने के साथ आसमान पर बादलों की आवाजाही होती रही। इस दौरान मौसम का अधिकतम तापमान 27 डिग्री जबकि न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता 43 फीसदी और हवाओं की रफ्तार 14 किमी प्रतिघंटा दर्ज की गई। जनपद में इस वर्ष रबी सीजन में 2.18 लाख हेक्टेयर में गेहूं, चना, मटर, सरसों आदि की फसल बोई गई है। मटर की फसल पक गई है जबकि अन्य फसलें तैयार हो रही हैं। ऐसे में अचानक मौसम खराब होने से किसान चिंता में हैं। किसानों ने दवा, खाद और बीज पर हजारों रुपये खर्च कर दलहनी फसल तैयार की लेकिन अब मौसम की मार का डर सता रहा है। किसानों का कहना है कि यदि बारिश हुई तो फसल खराब हो सकती है। तेज हवा से गेहूं की फसल गिरने की आशंका भी बढ़ गई है। गेहूं की बाली में फूल आ चुका है। उधर, जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश सिंह का कहना है कि फिलहाल मौसम से फसलों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है। यदि बारिश होती है या तेज हवा चलती है तो फसलों को नुकसान हो सकता है।
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किसानों ने बयां किया दर्द
कुलपहाड़ के किसान बबलू कुशवाहा कहना है कि कड़ी मेहनत कर फसल तैयार की है। फसल तैयार करने में बीज व खाद की व्यवस्था मुश्किल से हुई। मौसम का मिजाज बदल रहा है। इससे फसल प्रभावित हो सकती है।
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कुलपहाड़ के किसान अरिमर्दन यादव कहते हैं कि फसल अब लगभग तैयार है। मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। यदि बारिश हुई तो फसल प्रभावित होगी। इससे फसल की लागत निकालना मुश्किल होगा।