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पानी की बर्बादी रोकेगा टैंक
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वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के समीप बन रहा वाटर टैंक।
- फोटो : MAHOBA
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श्रीनगर (महोबा)। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित उर्मिल बांध से होने वाली पेयजल आपूर्ति श्रीनगर में स्थापित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में फिल्टर के बाद होती है। इस दौरान करीब 15 फीसदी पानी बर्बाद हो जाता है। पानी की बर्बादी रोकने के लिए जल निगम ने 70 लाख रुपये की लागत से वाटर टैंक का निर्माण शुरू करा दिया है।
उर्मिल बांध पेयजल योजना के तहत महोबा शहर व कस्बा श्रीनगर को पेयजल आपूर्ति की जाती है। उर्मिल बांध से कच्चा पानी श्रीनगर स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में फिल्टर किया जाता है। इस दौरान 15 फीसदी पानी बर्बाद हो जाता है। इस पानी की बर्बादी को रोकने के लिए जलनिगम ने वाटर टैंक निर्माण कराने का काम शुरु कर दिया है। बर्बाद पानी को इस टैंक में डाला जाएगा। जिसके बाद दोबारा इस पानी का शोधन करके आपूर्ति की जाएगी।
जल निगम नगरीय शाखा हमीरपुर ने इस काम की जिम्मेदारी लखनऊ की एक निजी कंपनी को सौंपी है। जल निगम के अवर अभियंता नीरज करपात्री का कहना है कि सालों से फिल्टर के दौरान 15 फीसदी पानी बर्बाद हो जाता था। टैंक बनने के बाद यह पानी एकत्र होगा और दोबारा फिल्टर होकर सप्लाई में शामिल हो जाएगा। निजी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर शैलेष सिंह का कहना है कि शीघ्र ही यह प्रक्रिया शुरु कर दी जाएगी। वाटर टैंक का 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
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उर्मिल बांध पेयजल योजना के तहत महोबा शहर व कस्बा श्रीनगर को पेयजल आपूर्ति की जाती है। उर्मिल बांध से कच्चा पानी श्रीनगर स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में फिल्टर किया जाता है। इस दौरान 15 फीसदी पानी बर्बाद हो जाता है। इस पानी की बर्बादी को रोकने के लिए जलनिगम ने वाटर टैंक निर्माण कराने का काम शुरु कर दिया है। बर्बाद पानी को इस टैंक में डाला जाएगा। जिसके बाद दोबारा इस पानी का शोधन करके आपूर्ति की जाएगी।
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जल निगम नगरीय शाखा हमीरपुर ने इस काम की जिम्मेदारी लखनऊ की एक निजी कंपनी को सौंपी है। जल निगम के अवर अभियंता नीरज करपात्री का कहना है कि सालों से फिल्टर के दौरान 15 फीसदी पानी बर्बाद हो जाता था। टैंक बनने के बाद यह पानी एकत्र होगा और दोबारा फिल्टर होकर सप्लाई में शामिल हो जाएगा। निजी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर शैलेष सिंह का कहना है कि शीघ्र ही यह प्रक्रिया शुरु कर दी जाएगी। वाटर टैंक का 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
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