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अनुसूचित जातियों के अनपढ़ अभिभावकों की संतानों को छात्रवृत्ति में वरीयता
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महोबा। अनुसूचित जाति व जनजाति को दी जाने वाली छात्रवृत्ति को लेकर नियमावली में बदलाव किया गया है। जिससे अनपढ़ अभिभावकों के बच्चों को छात्रवृत्ति में वरीयता मिलेगी। नियमावली के अनुसार वरीयता तय करने के लिए छात्रों को मिलने वाले वेटेज अंकों के नियमों में भी बदलाव हुआ है।
अब शासकीय एवं शासकीय सहायता प्राप्त संस्थाओं से हाईस्कूल अथवा इंटर करने वाले छात्रों को 10, माता पिता दोनों के अशिक्षित होने पर आठ, जबकि किसी एक के अशिक्षित होने पर छह वेटेज अंक मिलेंगे। वेटेज अंक बराबर होने पर अधिक आयु वाले अभ्यर्थी को वरीयता दी जायेगी। जबकि अभी तक यह वेटेज अंक उन्हें पिछली कक्षा के प्राप्तांक और पाठ्यक्रम के आधार पर दिए जाते थे।
प्रोफेशनल कोर्सों में शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए स्नातक में 55 फीसदी अंकों की बाध्यता खत्म हो गई है। ऐसे अनुसूचित जाति के छात्र जिन्होंने स्नातक में 50 फीसदी अंक पाए हैं और प्रोफेशनल कोर्सों में दाखिला लिया है, अब वह भी छात्रवृत्ति के आवेदन कर सकेंगे। हालांकि मैनेजमेंट कोटा, स्पॉट काउंसिलिंग से एडमिशन लेने वालों को यह सुविधा नहीं मिलेगी।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि विभाग ने एससी-एसटी छात्रों की छात्रवृत्ति के लिए संशोधित नियमावली जारी कर दी है। अब विद्यार्थियों को नए नियमानुसार ही छात्रवृत्ति मिलेगी। जिन छात्रों के आवेदन किसी कारण निरस्त होंगे उसकी सूचना उनके मोबाइल पर पहुंच जाएगी। इसकी पूरी जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध है।
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अब शासकीय एवं शासकीय सहायता प्राप्त संस्थाओं से हाईस्कूल अथवा इंटर करने वाले छात्रों को 10, माता पिता दोनों के अशिक्षित होने पर आठ, जबकि किसी एक के अशिक्षित होने पर छह वेटेज अंक मिलेंगे। वेटेज अंक बराबर होने पर अधिक आयु वाले अभ्यर्थी को वरीयता दी जायेगी। जबकि अभी तक यह वेटेज अंक उन्हें पिछली कक्षा के प्राप्तांक और पाठ्यक्रम के आधार पर दिए जाते थे।
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प्रोफेशनल कोर्सों में शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए स्नातक में 55 फीसदी अंकों की बाध्यता खत्म हो गई है। ऐसे अनुसूचित जाति के छात्र जिन्होंने स्नातक में 50 फीसदी अंक पाए हैं और प्रोफेशनल कोर्सों में दाखिला लिया है, अब वह भी छात्रवृत्ति के आवेदन कर सकेंगे। हालांकि मैनेजमेंट कोटा, स्पॉट काउंसिलिंग से एडमिशन लेने वालों को यह सुविधा नहीं मिलेगी।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि विभाग ने एससी-एसटी छात्रों की छात्रवृत्ति के लिए संशोधित नियमावली जारी कर दी है। अब विद्यार्थियों को नए नियमानुसार ही छात्रवृत्ति मिलेगी। जिन छात्रों के आवेदन किसी कारण निरस्त होंगे उसकी सूचना उनके मोबाइल पर पहुंच जाएगी। इसकी पूरी जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध है।