{"_id":"573b61a84f1c1bc473ac6f14","slug":"charkhari-night-digging-ponds","type":"story","status":"publish","title_hn":"चरखारी के तालाबों की दिन रात खुदाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चरखारी के तालाबों की दिन रात खुदाई
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Tue, 17 May 2016 11:53 PM IST
विज्ञापन
जेसीबी से होती तालाब की खुदाई
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुंदेलखंड में सूख चुके तालाबों का वैभव लौटाने के लिए जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। दिन रात तालाबों में चल रही जेसीबी और एलएनटी मशीनों से कई तालाबों की पांच फीट से ज्यादा खुदाई हो चुकी है। तालाबों की खुदाई होने से अब जल भंडारण क्षमता बढ़ने के आसार पैदा हो गए है।
चरखारी के तालाबों की सुंदरता के कारण बुंदेलखंड का कश्मीर कहे जाने वाले चरखारी के तालाब इस साल पूरी तरह सूख चुके है। उनमें कीचड़ युक्त सिल्ट जमा हो गई है। नागरिकों की ओर से तालाबों की सफाई कराए जाने की डीएम से मांग की गई थी। डीएम ने शासन को पत्र लिखकर यहां के तालाबों की सफाई कराए जाने की बात कही थी।
शासन से हरी झंडी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने रपट तलैया, मलखान सागर, रायनपुर तालाब सहित आठ तालाबों की खुदाई शुरू करा दी। 10 मई से तालाबों की खुदाई का कार्य डीएम वीरेश्वर सिंह ने चरखारी पहुंचकर कराया था। तब से दिन रात जेसीबी और एलएनटी मशीनें खुदाई में लगी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
चरखारी के तालाबों की सुंदरता के कारण बुंदेलखंड का कश्मीर कहे जाने वाले चरखारी के तालाब इस साल पूरी तरह सूख चुके है। उनमें कीचड़ युक्त सिल्ट जमा हो गई है। नागरिकों की ओर से तालाबों की सफाई कराए जाने की डीएम से मांग की गई थी। डीएम ने शासन को पत्र लिखकर यहां के तालाबों की सफाई कराए जाने की बात कही थी।
विज्ञापन
शासन से हरी झंडी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने रपट तलैया, मलखान सागर, रायनपुर तालाब सहित आठ तालाबों की खुदाई शुरू करा दी। 10 मई से तालाबों की खुदाई का कार्य डीएम वीरेश्वर सिंह ने चरखारी पहुंचकर कराया था। तब से दिन रात जेसीबी और एलएनटी मशीनें खुदाई में लगी हैं।
विज्ञापन