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एचआईवी, ट्रांसप्लांट व कैंसर से पीड़ित मरीज नहीं होंगे होम आइसोलेट
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महोबा। कोरोना की दूसरी लहर में लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। पहली लहर की तुलना में इस बार अधिक लोग अस्पतालों में पहुंच भी रहे हैं, लेकिन हल्के या बिना लक्षण वाले कोविड मरीज घर पर रहकर भी स्वस्थ हो सकते हैं। इसको लेकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने होम आइसोलेशन के नियमों में बदलाव करते हुए संशोधित गाइड लाइन जारी की है।
सीएमओ डॉ. एमके सिन्हा ने बताया कि गाइड लाइन में सभी कोविड मरीजों को होम आइसोलेट की सलाह नहीं दी गई है। होम आइसोलेशन के लिए इलाज कर रहे चिकित्सक के द्वारा जांच के आधार पर हल्के व बिना लक्षण वाले मरीज के तौर पर प्रमाणित करने की जरूरत है। ऐसे मामलों में मरीज के घर पर सेल्फ- आइसोलेशन और परिवार के लोगों को क्वारंटीन करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। मरीज की देखभाल करने वाले व्यक्ति को 24 घंटे उपलब्ध रहना चाहिए।
कम प्रतिरक्षा क्षमता वाले यानी एचआईवी, अंग ट्रांसप्लांट कराने वाले एवं कैंसर रोग से पीड़ित लोगों को होम आइसोलेशन में नहीं रखा जाएगा। 60 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे लोग जो उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग एवं कमजोर फेफड़े, गुर्दे की बीमारी से ग्रसित हैं उनमें कोरोना की पुष्टि होने पर डाक्टर की अनुमति के बाद ही होम आइसोलेशन में रहने की बात कही गयी है।
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होम आइसोलेशन में 10 दिनों तक भरें निगरानी चार्ट
सीएमओ ने बताया कि गाइड लाइन में होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना मरीजों को 10 दिनों तक निगरानी चार्ट भरने की सलाह दी गयी है। निगरानी चार्ट में प्रत्येक दिन के शरीर के तापमान एवं ऑक्सीमीटर से ह्रदय गति एवं ऑक्सीजन के स्तर को भरने की सलाह दी गई है। साथ ही निगरानी चार्ट में ही प्रत्येक दिन की स्थिति भरने की बात कही गई है।
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सीएमओ डॉ. एमके सिन्हा ने बताया कि गाइड लाइन में सभी कोविड मरीजों को होम आइसोलेट की सलाह नहीं दी गई है। होम आइसोलेशन के लिए इलाज कर रहे चिकित्सक के द्वारा जांच के आधार पर हल्के व बिना लक्षण वाले मरीज के तौर पर प्रमाणित करने की जरूरत है। ऐसे मामलों में मरीज के घर पर सेल्फ- आइसोलेशन और परिवार के लोगों को क्वारंटीन करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। मरीज की देखभाल करने वाले व्यक्ति को 24 घंटे उपलब्ध रहना चाहिए।
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कम प्रतिरक्षा क्षमता वाले यानी एचआईवी, अंग ट्रांसप्लांट कराने वाले एवं कैंसर रोग से पीड़ित लोगों को होम आइसोलेशन में नहीं रखा जाएगा। 60 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे लोग जो उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग एवं कमजोर फेफड़े, गुर्दे की बीमारी से ग्रसित हैं उनमें कोरोना की पुष्टि होने पर डाक्टर की अनुमति के बाद ही होम आइसोलेशन में रहने की बात कही गयी है।
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होम आइसोलेशन में 10 दिनों तक भरें निगरानी चार्ट
सीएमओ ने बताया कि गाइड लाइन में होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना मरीजों को 10 दिनों तक निगरानी चार्ट भरने की सलाह दी गयी है। निगरानी चार्ट में प्रत्येक दिन के शरीर के तापमान एवं ऑक्सीमीटर से ह्रदय गति एवं ऑक्सीजन के स्तर को भरने की सलाह दी गई है। साथ ही निगरानी चार्ट में ही प्रत्येक दिन की स्थिति भरने की बात कही गई है।