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Mahoba News: नहर कटी, पलेवा नजदीक... खेतों तक कैसे पहुंचेगा पानी
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मौदहा (हमीरपुर)। अर्जुन सहायक नहर परियोजना से सिंचाई की आस लगाए किसानों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है। रबी फसलों की बोआई के लिए पलेवा का समय नजदीक है लेकिन मुख्य नहर कई स्थानों पर कटी पड़ी है। ऐसे में किसानों के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि जब मुख्य नहर में पानी आगे नहीं पहुंच पाएगा तो माइनरों के जरिये खेतों तक पानी कैसे पहुंचेगा।
नवंबर 2021 में जनपद महोबा आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्जुन सहायक नहर परियोजना का लोकार्पण किया था। किसानों को उम्मीद थी कि परियोजना से खेतों की सिंचाई की समस्या दूर होगी, लेकिन करीब चार साल बाद भी कई क्षेत्रों में किसान पानी का इंतजार कर रहे हैं। गुसियारी गांव के किसान रसीद, गंगादीन, लल्लू, इचौली निवासी महेंद्र यादव, बलराम आदि ने बताया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के पास जिगनौड़ा, इचौली और गुसियारी मौजे में मुख्य नहर तीन स्थानों पर कटी हुई है। वहीं कपसा, टिकरी बुजुर्ग और चांदीकला मौजे में भी तीन जगह नहर क्षतिग्रस्त है। इसके बावजूद नहर विभाग की ओर से अब तक मरम्मत शुरू नहीं कराई गई है। किसानों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही का खामियाजा हर साल उन्हें भुगतना पड़ता है।
चार साल से नियमित नहीं पहुंच रहा पानी
गांव में करीब चार साल से नहर का पानी नियमित रूप से नहीं पहुंच रहा है। मुख्य नहर की हालत देखकर पानी मिलने की उम्मीद कम है। - असरार अहमद खान, ग्राम प्रधान गुसियारी।
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पलेवा का समय सिर पर है। समय से पानी नहीं मिला तो गेहूं और अन्य रबी फसलों की बोआई प्रभावित होगी। - लख्खू, गुसियारी।
नहर कटी होने के कारण पानी आगे जाने से पहले ही बर्बाद हो जाएगा। विभाग को फसल बोआई से पहले मरम्मत करानी चाहिए। -अशोक सिंह, चांदीकला।
फोटो 08 एचएएमपी 23- रामभरोसे सिंह।
करोड़ों खर्च के बावजूद नहीं मिल रहा पानी
करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद किसानों को पानी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। नहर की मरम्मत नहीं हुई तो परेशानी बढ़ेगी। - रामभरोसे सिंह, टिकरी बुजुर्ग।
वर्जन:
मुख्य नहर के क्षतिग्रस्त स्थानों की जानकारी संबंधित विभाग से ली जाएगी। किसानों को पलेवा के समय सिंचाई के लिए पानी की समस्या न हो, इसके लिए नहर की स्थिति का निरीक्षण कराकर आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए जाएंगे। -करनवीर सिंह, उपजिलाधिकारी मौदहा
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नवंबर 2021 में जनपद महोबा आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्जुन सहायक नहर परियोजना का लोकार्पण किया था। किसानों को उम्मीद थी कि परियोजना से खेतों की सिंचाई की समस्या दूर होगी, लेकिन करीब चार साल बाद भी कई क्षेत्रों में किसान पानी का इंतजार कर रहे हैं। गुसियारी गांव के किसान रसीद, गंगादीन, लल्लू, इचौली निवासी महेंद्र यादव, बलराम आदि ने बताया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के पास जिगनौड़ा, इचौली और गुसियारी मौजे में मुख्य नहर तीन स्थानों पर कटी हुई है। वहीं कपसा, टिकरी बुजुर्ग और चांदीकला मौजे में भी तीन जगह नहर क्षतिग्रस्त है। इसके बावजूद नहर विभाग की ओर से अब तक मरम्मत शुरू नहीं कराई गई है। किसानों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही का खामियाजा हर साल उन्हें भुगतना पड़ता है।
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चार साल से नियमित नहीं पहुंच रहा पानी
गांव में करीब चार साल से नहर का पानी नियमित रूप से नहीं पहुंच रहा है। मुख्य नहर की हालत देखकर पानी मिलने की उम्मीद कम है। - असरार अहमद खान, ग्राम प्रधान गुसियारी।
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पलेवा का समय सिर पर है। समय से पानी नहीं मिला तो गेहूं और अन्य रबी फसलों की बोआई प्रभावित होगी। - लख्खू, गुसियारी।
नहर कटी होने के कारण पानी आगे जाने से पहले ही बर्बाद हो जाएगा। विभाग को फसल बोआई से पहले मरम्मत करानी चाहिए। -अशोक सिंह, चांदीकला।
फोटो 08 एचएएमपी 23- रामभरोसे सिंह।
करोड़ों खर्च के बावजूद नहीं मिल रहा पानी
करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद किसानों को पानी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। नहर की मरम्मत नहीं हुई तो परेशानी बढ़ेगी। - रामभरोसे सिंह, टिकरी बुजुर्ग।
वर्जन:
मुख्य नहर के क्षतिग्रस्त स्थानों की जानकारी संबंधित विभाग से ली जाएगी। किसानों को पलेवा के समय सिंचाई के लिए पानी की समस्या न हो, इसके लिए नहर की स्थिति का निरीक्षण कराकर आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए जाएंगे। -करनवीर सिंह, उपजिलाधिकारी मौदहा