{"_id":"57acbea54f1c1b6b15ee456c","slug":"bsa-was-monitored-three-months-of-vigilance","type":"story","status":"publish","title_hn":"विजिलेंस की तीन माह से थी बीएसए पर नजर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विजिलेंस की तीन माह से थी बीएसए पर नजर
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Thu, 11 Aug 2016 11:36 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विजिलेंस टीम की नजर बीएसए रामेश्वर प्रसाद पर तीन माह से थी। इस दौरान विजिलेंस टीम महोबा में तीन बार आई और एक बार तो रात भर रुकी भी लेकिन बीएसए के बाहर होने के कारण टीम को कुछ भी हाथ नहीं लगा और वह बैरंग लौट गई। तीन माह के आपरेशन के बाद बुधवार को विजिलेंस टीम को सफलता मिली है।
विज्ञापन
मालूम हो कि विकासखंड जैतपुर के प्राथमिक विद्यालय भदरवारा में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात विक्रांत पटैरिया ने करीब चार माह पहले विजिलेंस टीम लखनऊ से बीएसए के भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। साथ ही कुछ डिटेल भी उपलब्ध कराई थी। इसके बाद विजिलेंस टीम ने महोबा आकर बीएसए कार्यालय और बीएसए के आवास का भी गोपनीय तरीके से पता कर लिया था। बीएसए के चैंबर को भी टीम पूर्व में ही देखकर चली गई थी।
विज्ञापन
दूसरे राउंड में आई विजिलेंस टीम ने आपरेशन को आगे बढ़ाने के लिए रणनीति बनाई। जिले के अधिकारियों से भी बात की। लेकिन बीएसए के बाहर होने के कारण टीम एक रात में रुकी भी रही। इसके बाद भी बीएसए के न आने पर टीम वापस चली गई। तीसरे राउंड में आई विजिलेंस की टीम दो घंटे तक बीएसए का इंतजार करती रही।
विज्ञापन
इस दौरान बीएसए हौसला पोषण कार्यक्रम में व्यस्त थे। टीम लौटने की तैयारी ही कर रही थी कि बीएसए के कार्यालय में आने की सूचना टीम को मिल गई और टीम ने मौके पर जाकर बीएसए को 50 हजार रुपये घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। रात करीब साढ़े दस बजे टीम बीएसए को अपने साथ लखनऊ ले गई।
सीडीओ की टीम को 98 फीसदी विद्यालय बंद मिले
बीएसए के खिलाफ की गई कार्रवाई से आहत जिले के टीचरों ने विद्यालय बंद किए जाने की घोषणा कर दी थी। इस पर बीएसए अखिलेश कुमार सिंह ने अलग-अलग अधिकारियेां की टीम लगाकर स्कूलों की जांच कराई। जांच के दौरान 98 फीसदी विद्यालयों में तालें लटके मिले। कुछ विद्यालय को छोड़कर किसी भी विद्यालय में शिक्षण कार्य नहीं कराया गया। टीम में लगाए गए अधिकारियेंा ने अपनी रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को सौंप दी है।