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बोलेरो गाड़ी से 2.21 लाख की नकदी पकड़ी
Fri, 12 Apr 2019 10:48 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
mahoba
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Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 12 Apr 2019 10:48 PM IST
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पकड़ी गई नगदी की जांच करती उड़नदस्ता टीम
- फोटो : amar ujala
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महोबा। कानपुर-सागर हाइवे में कस्बा श्रीनगर के समीप वाहनों की चेकिंग के दौरान उड़नदस्ता टीम ने बोलेरो गाड़ी से 2.21 लाख रुपये की नगदी बरामद की। जांच के दौरान बोलेरो सवार कोई कागजात नहीं दिखा सका। जिस पर टीम ने नगदी जब्त कर ली।
जिला निर्वाचन अधिकारी सहदेव के निर्देशन में उड़नदस्ता प्रभारी धर्मेंद्र कुमार व सब इंस्पेक्टर राधेबाबू ने टीम के साथ श्रीनगर के समीप चेकिंग अभियान चलाया। शुक्रवार की दोपहर महोबा की ओर से आ रही बोलेरो गाड़ी को रोककर टीम ने जांच की। जांच दौरान बोलेरो सवार अनिल कुमार पुत्र रामदयाल निवासी श्रीनगर के पास से 2.21 लाख की नगदी बरामद की गई। पूछताछ में अनिल ने बताया कि वह अपनी जमीन की उपज मंडी में बेंचकर श्रीनगर जा रहा था लेकिन वह फसल बेंचने का कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर पाया, जिससे नकदी सीज कर कोषागार में जमा करा दी गई।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी पूनम निगम ने बताया कि पकड़ी गई धनराशि को सत्यापन कराने के लिए पीड़ित को एक सप्ताह का मौका दिया जाता है, वो अपने बैंक के ट्रांजक्शन पेपर, लेखा जोखा टीम के सामने प्रस्तुत कर पकड़ी गई राशि कोषागार से रिलीज करा सकता है। विवाह शादी की खरीद के लिए आने जाने वाले लोगों को भी चुनाव दौरान पैसा बैंक से निकालने का हिसाब देना होगा ताकि चुनाव में धन के दुरुपयोग पर लगाम लगाई जा सके। जिले में अभी तक चुनाव में कोई धन के दुरुपयोग का मामला प्रकाश में नहीं आया है। फिर भी हर संभावित पर नजर रखी जा रही है।
जिला निर्वाचन अधिकारी सहदेव के निर्देशन में उड़नदस्ता प्रभारी धर्मेंद्र कुमार व सब इंस्पेक्टर राधेबाबू ने टीम के साथ श्रीनगर के समीप चेकिंग अभियान चलाया। शुक्रवार की दोपहर महोबा की ओर से आ रही बोलेरो गाड़ी को रोककर टीम ने जांच की। जांच दौरान बोलेरो सवार अनिल कुमार पुत्र रामदयाल निवासी श्रीनगर के पास से 2.21 लाख की नगदी बरामद की गई। पूछताछ में अनिल ने बताया कि वह अपनी जमीन की उपज मंडी में बेंचकर श्रीनगर जा रहा था लेकिन वह फसल बेंचने का कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर पाया, जिससे नकदी सीज कर कोषागार में जमा करा दी गई।
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उप जिला निर्वाचन अधिकारी पूनम निगम ने बताया कि पकड़ी गई धनराशि को सत्यापन कराने के लिए पीड़ित को एक सप्ताह का मौका दिया जाता है, वो अपने बैंक के ट्रांजक्शन पेपर, लेखा जोखा टीम के सामने प्रस्तुत कर पकड़ी गई राशि कोषागार से रिलीज करा सकता है। विवाह शादी की खरीद के लिए आने जाने वाले लोगों को भी चुनाव दौरान पैसा बैंक से निकालने का हिसाब देना होगा ताकि चुनाव में धन के दुरुपयोग पर लगाम लगाई जा सके। जिले में अभी तक चुनाव में कोई धन के दुरुपयोग का मामला प्रकाश में नहीं आया है। फिर भी हर संभावित पर नजर रखी जा रही है।
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