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बलकट खेती ने बढ़ाया कर्ज तो दे दी जान
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Thu, 14 Apr 2016 11:47 PM IST
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दरवाजे पर गमगीन बैठा मृतक किसान लखनलाल का परिवार
- फोटो : अमर उजाला
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विकासखंड कबरई के ग्राम सिजहरी निवासी लखनलाल 55 पुत्र मंदी राजपूत के पास 12 एकड़ जमीन है। उसने डेढ लाख रुपये बैंक से और डेढ लाख रुपये बेटी की शादी के लिए साहूकारों से कर्ज लिया था। फसल बर्बाद होने पर लखनलाल ने फांसी लगा जान दे दे।
साथ ही 55 हजार रुपये में 12 बीघा जमीन बलकट पर ली थी जिसमें दो क्विंतल मटर की फसल बोई थी। लेकिन उसमें बीज तक नहीं निकला। इससे किसान को 55 हजार रुपये बलकट की जमीन का, तीन लाख रुपये बैंक और साहूकारों का अदा करने की चिंता हुई।
लखनलाल खेत में गया और फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों ने तहसीलदार से लेकर डीएम तक से गुहाल लगाई, लेकिन प्रशासन ने एक रुपये की भी मदद नहीं की। अब पिता की मौत के बाद बच्चे मजदूरी करके परिवार चला रहे है। नियमित मजदूरी न मिलने से परिवार की हालत काफी खराब है। परिवार में दो बेटे और दो बहुएं है।
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साथ ही 55 हजार रुपये में 12 बीघा जमीन बलकट पर ली थी जिसमें दो क्विंतल मटर की फसल बोई थी। लेकिन उसमें बीज तक नहीं निकला। इससे किसान को 55 हजार रुपये बलकट की जमीन का, तीन लाख रुपये बैंक और साहूकारों का अदा करने की चिंता हुई।
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लखनलाल खेत में गया और फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों ने तहसीलदार से लेकर डीएम तक से गुहाल लगाई, लेकिन प्रशासन ने एक रुपये की भी मदद नहीं की। अब पिता की मौत के बाद बच्चे मजदूरी करके परिवार चला रहे है। नियमित मजदूरी न मिलने से परिवार की हालत काफी खराब है। परिवार में दो बेटे और दो बहुएं है।
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